दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी व मासूम बेटे को अपने साथी के साथ मिलकर जिंदा जलाने वाले आरोपी व उसके साथी पर दोष सिद्ध हो जाने के बाद फास्ट ट्रैक तृतीय जज नरेंद्र कुमार ने दोनों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। थाना व कस्बा डकोर निवासी पिता सियाराम ने डकोर थाने में 22 अगस्त 2014 को तहरीर दी
थी कि उसने अपनी बेटी मुन्नी देवी का विवाह थाना क्षेत्र के ही गांव कमठा निवासी प्रतापभान यादव के साथ किया था। उसने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज भी दिया था लेकिन पति अतरिक्त दहेज में 50 हजार रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगा। बेटी ने उसे बताया तो उसने दामाद से गरीबी का वास्ता दिया लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद
22 अगस्त की सुबह बेटी मुन्नी व उसके मासूम पुत्र नवल किशोर (4) पर केरोसिन डालकर जिंदा जलाकर मार डाला था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति प्रतापभान यादव व उसके साथी मंगल सिंह के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने साक्ष्याें को संकलन करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एफटीसी कोर्ट
तृतीय के जज नरेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी। पुख्ता गवाहाें व बयानों के आधार पर प्रतापभान व उसके साथी मंगल पर दोष सिद्ध हो जाने पर जज ने आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये की सजा सुनाई है। पुलिस ने आरोपियाें को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।