गिरे मकान से मलबा निकालते परिजन।
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उसके मकान की छत कमरे के बीचों बीच लगी एक बल्ली के सहारे टिकी हुई थी। गुरुवार को उसकी सास बिब्बन (60) पत्नी बशीर शाह आई थी। देर शाम पप्पू ने कमरे में चटाई डाल दी और सभी सो गए। इसी बीच देर रात करीब 1 बजे अचानक लकड़ी सड़ने की वजह से छत को साधे हुई बल्ली टूट गई, जिससे छत भरभराकर गिर पड़ी और उसके मलबे के नीचे कमरे में सो रहे सभी लोग दब गए। चीख पुकार व छत गिरने की आवास सुनकर पड़ोसी दौड़कर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह सभी को मलबे के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक कमरे में सो रहे पप्पू (45), उसकी बेटी रोजी (13), भांजी परवीन (27) पत्नी मकसूद और उसकी बेटी सिमरन (5) व सास बिब्बन गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। जिसमें बिब्बन की हालत नाजुक थी। आननफानन में पड़ोसी सभी को लेकर सीएचसी कदौरा के लिए निकल पड़े। मगर रास्ते में ही बिब्बन ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने भी उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं अन्य सभी का प्राथमिक इलाज कर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर जानकारी मिलते ही कालपी एसडीएम ने एक टीम को भेजकर मामले की जांच कराई। इसमें राजस्व निरीक्षक मन्नीलाल ने मामले की जांच कर मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
नातिन को छोड़ने आई थी बिब्बन
बिब्बन गुरुवार को अपनी नातिन को छोड़ने आई थी। मगर रात ज्यादा होने की वजह से रुक गई, लेकिन उसे क्या पता था कि बेटी के घर में ही वह आखिरी सांस लेगी। बिब्बन के ऊपर छत का बड़ा सा टुकड़ा सीधा आ गिरा था, जिससे उसे गहरी चोट आ गई थी।
मदद के लिए आगे आया गांव
इस हादसे में पूरी तरह टूट चुके पप्पू की मदद के लिए पूरा गांव आगे आया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजयकांत तिवारी ने तुरंत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी और आगे भी मदद किए जाने का भरोसा दिया। इसके अलावा गांव के हर घर से कुछ न कुछ मदद आ रही थी।