पैसेंजर ट्रेन से उतरकर अपनी बहन से मिलने जा रहे युवक को जीआरपी सिपाहियों
ने स्टेशन पर रोक लिया और उसे बेरहमी से पीटा। आरोप है कि उसकी जेब में
पडे़ 30 हजार रुपये भी छीन लिए। मारपीट में युवक लहूलुहान हो गया। यह देख
स्टेशन
पर मौजूद भीड़ भड़क गई और जीआरपी थाने पर धावा बोलकर थाना प्रभारी
से धक्का मुक्की कर दी। इसके बाद पीड़ित एसपी कार्यालय पहुंचा और और आरोपी
सिपाहियाें के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। कालपी
कस्बा निवासी
रामगोपाल सोमवार की सुबह पैसेंजर ट्रेन से उरई अपनी बहन के
यहां आया था। सुबह करीब नौ बजे वह ट्रेन से उतरकर जा रहा था इसी दौरान
जीआरपी सिपाहियाें ने उसे रोक लिया और तलाशी लेने लगे। रामगोपाल के पास 30
हजार रुपये थे जो
वह अपनी बहन को देने के लिए आया था। सिपाहियाें ने पैसे
देखे तो उस पर चोरी का आरोप लगाकर पीटने लगे। इससे स्टेशन पर भीड़ लग गई
लेकिन जब लोगों को असलियत का पता चला तो वह भड़क गए। उन्हाेंने जीआरपी थाने
पर धावा
बोलकर थानाध्यक्ष गनेशी प्रसाद वर्मा के साथ धक्कामुक्की कर दी।
इससे वहां अफरा तफरी मच गई। इस दौरान आरोपी सिपाही मौके से भाग गए। पीड़ित
एसपी कार्यालय पहुंचा और एसपी के न होने पर वहां मौजूद पीआरआें को
प्रार्थना पत्र
देकर कार्रवाई की मांग की। बताते चलें कि इसी तरह जीआरपी
सिपाही वाहन ठेके दार से मिलकर कई यात्रियाें के वाहनाें के चालान सिर्फ
इसलिए कर देते हैं कि वह स्टैंड पर वाहन नहीं खड़ा कर देते हैं। इसके पीछे
मंशा ये होती है कि वाहन खड़े होने पर स्टैंड को कुछ देर में इसका शुल्क
दें।