थाना क्षेत्र की बसरेही निवासी विधवा मीरा पत्नी स्व. जियालाल ने पुलिस को बताया कि उसके पास 14 बीघा खेती है। जिसमें उसने गेहूं, मटर व लाही की फसल बोई है। महिला के मुताबिक अन्ना पशुओं से देखरेख के लिए वह स्वयं खेतों पर रखवाली करती है। रविवार रात में वह खाना खाने के लिए घर चली गई थी। कुछ देर बाद जब खेत पर दोबारा पहुंची तो देखा कि खेत में अन्ना मवेशियों का झुंड घुसा है। जब तक वह जानवरों को हांकती, तब तक मवेशी उसकी चार बीघा गेहूं की फसल को चट कर गए। बड़ी मुश्किल से वह जानवरों को हांक पाई थी।
इसके बाद रोती बिलखती मीरा थाने पहुंची और पुलिस को घटना की जानकारी देकर बताया कि गांव में अन्ना पशुओं की देखरेख के लिए कमेटी बनी है और उनके रखने के लिए कमेटी चिह्नित स्थान पर तार लगा कर अन्ना पशुओं को रखे हैं। चौकीदारों की लापरवाही से अन्ना पशुओं का झुंड तारों के बाड़े से निकलकर उसके खेतों में जा घुसा और फसल खा गए। थानाध्यक्ष का कहना है कि मौके पर जाकर स्थिति देखी जाएगी और चौकीदारों से भी पूछताछ के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- अन्ना मवेशी के चक्कर में हो चुकी है हत्या
करीब डेढ़ माह पूर्व कालपी के लमसर गांव में अन्ना जानवर हांकने को लेकर दो पक्षों में विवाद भी हो गया था। इसमें दोनों ओर से हुई फायरिंग में एक युवक की मौत भी हो गई थी। पुलिस अभी तक हत्या के सभी आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है।
- अन्ना मवेशियों के लिए सीएम से मिलेंगे
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बृजेश राजपूत का कहना है कि अन्ना बुंदेलखंड के किसानों की प्रमुख समस्या है। पेयजल की तरह अन्ना से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को कोई ठोस योजना बनानी होगी। इसके लिए जल्द ही वे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सीएम से मिलने लखनऊ भी जाएंगे।