मेघालय में सीओ रेलवे की गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले कांस्टेबल अर्जुन देशवाल के कारनामे से गांव बसेड़ा में हर कोई हैरान है। अर्जुन चुनाव ड्यूटी पर दिल्ली से अपनी बटालियन के साथ मेघालय गया था। वारदात पर उसके पिता का कहना है कि बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया, उनकी समझ से बाहर है। दो माह पहले ही अर्जुन गांव में सात दिन की छुट्टी बिताकर गया था।
दिल्ली की दयाबस्ती में आरपीएसएफ की 6 बटालियान की ड्यूटी मेघालय चुनाव में लगी थी। सीओ मुकेश त्यागी और कांस्टेबल जोगेंद्र कुमार आदि के साथ मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स में उनकी बटालियन ठहरी हुई थी। रविवार दोपहर अचानक कांस्टेबल अर्जुन ने अपनी सर्विस रायफल एके 47 से सीओ और अन्य कांस्टेबल पर 13 राउंड गोलियां बरसाईं थीं, जिसमें सीओ मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिपाही गंभीर घायल है।
आरोपी अर्जुन को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ त्यागी भी यूपी के ही हापुड़ के बिहूनी गांव के निवासी थे। वारदात के बाद शिलांग से अफसरों का फोन मुजफ्फरनगर के बसेड़ा गांव में परिवार पर पहुंचा, तो सब सन्न रह गए। तीन साल पहले ही अर्जुन आरपीएसएफ में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुआ था। उसके पिता सुनील देशवाल 25 बीघा जमीन के काश्तकार हैं।
घर में अर्जुन छोटा बेटा है, जबकि उसका बड़ा भाई सन्नी देशवाल है। सन्नी की शादी हो चुकी है। अर्जुन अभी अविवाहित है। घटना के बाद से परिवार में सन्नाटा पसरा है और हर किसी के चेहरे पर दुख है। कांस्टेबल के पिता सुनील ने बताया कि 25 दिसंबर को सात दिन की छुट्टी पर अर्जुन गांव आया था।
छुट्टी के दौरान वह घर में हंसी-खुशी रहा। एक जनवरी को ही उसने ड्यूटी पर वापसी की थी। उसकी बातों से घरवालों को कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह नौकरी को लेकर किसी तनाव में है। अर्जुन के रिश्ते की भी अभी तक कोई बातचीत नहीं चल रही थी।
मां उमा घटना को सुनकर गुमसुम है। उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह कहती हैं कि बेटे ने यह क्या कर दिया। अब उसकी जिंदगी का क्या होगा। ड्यूटी पर रहने के दौरान अर्जुन हर दूसरे-तीसरे दिन घर फोन कर परिवार का हाल-चाल लेता रहता था।
गृह विभाग ने तलब की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। आरपीएसएफ के सीओ की हत्या के बाद मेघालय से दिल्ली तक हड़कंप मच गया। रेल मंत्रालय से गृह विभाग ने तत्काल रिपोर्ट तलब की। चुनावी सेल के असिस्टेंट कमिश्नर और आरपीएसएफ के जीआईजी अजय कुमार शर्मा ने आईजी को मामले की तत्काल रिपोर्ट दी। डीआईजी शर्मा ने बताया कि चुनाव यूआईडी नंबर 812 की ड्यूटी मेघालय में लगाई गई थी। 6 बटालियन की टुकड़ी वेस्ट खासी हिल्स में तैनात थी, जहां यह वारदात हुई।
मैं न भगौड़ा हूं और न ही कायर: अर्जुन
मेघालय में सीओ की हत्या करने वाले कांस्टेबल अर्जुन देशवाल से अफसरों की पूछताछ का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसने छुट्टी नहीं मिलने पर गोलियां बरसाने की बात स्वीकार की है। जब अफसरों ने कहा कि छुट्टी नहीं मिली थी तो तुम भाग सकते थे, जवाब में सिपाही ने कहा कि साहब, मैं न कायर हूं और न ही भगोड़ा।
मुजफ्फरनगर के बसेड़ा निवासी आरपीएसएफ के जवान अर्जुन देशवाल से वारदात के बाद मेघालय के हॉस्पिटल में अफसरों की पूछताछ का वीडियो वायरल हुआ है। आरोपी अर्जुन से जब यह सवाल किया गया कि तूने सीओ का परिवार बर्बाद कर दिया, उसने जवाब में कहा कि मेरा परिवार भी तो बर्बाद हो गया, उसका क्या? मेरी शादी के लिए मुझे देखने वाले आ रहे थे। आठ माह से मुझे छुट्टी नहीं दी।
कांस्टेबल का दर्द किसी को नहीं दिखता। एक साल से ज्यादा समय से मैं बीमार रहा। बावजूद इसके मुझसे लगातार ड्यूटी कराई जा रही है। मानसिक और शारीरिक टॉर्चर किया गया है। 28 दिन तक मैं बिना कुछ खाए-पीए रहा। दिल्ली के पानी से पेट में इंफेक्शन हो गया था। डॉक्टरों के कागज दिखाने के बाद भी मुझे छुट्टी नहीं दी गई।
सीओ के पास भी छुट्टी के लिए गया था। सीओ ने कहा कि पैर छूने पड़ेंगे, मेरे सामने रोना पड़ेगा, तब छुट्टी मिलेगी। अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाया और फायरिंग कर दी। छुट्टी नहीं मिल रही थी तो भाग सकते थे, अफसरों के इस सवाल पर उसने कहा कि मैं भगोड़ा नहीं हूं और न ही कायर।
मेरा मानसिक संतुलन भी ठीक है। मैं कोई मनोरोगी नहीं हूं। तुमने बहुत गलत किया, अफसरों के ऐसा कहने पर देशवाल ने कहा कि सीओ ने भी गलत किया था। छुट्टी देने के नाम पर मुझे टार्चर किया। मेरी तरह सैकड़ों कांस्टेबल उत्पीड़न सह रहे हैं, अब मैं उनकी लड़ाई लड़ूंगा।