मदरा लालपुर निवासी अर्जुन व उसकी पत्नी कुंती शुक्रवार सुबह खेत पर काम करने गई थी। उनके तीन बच्चे अभिमन्यु (7), आकाश (5) व ब्रजेंद्र (आठ माह) घर पर अकेले थे। अभिमन्यु व आकाश चूल्हे पर आलू भून रहे थे। इसी बीच चिनगारी से छप्पर में आग लग गई। हवा का झोंका होने की वजह से आग बगल स्थित अर्जुन के भाई राजू के छप्पर में भी लग गई। राजू की पत्नी उर्मिला ने सोनी (2) व राखी (1) को किसी तरह बाहर निकाला।
इसके बाद वह अर्जुन के बच्चों को जलते छप्पर से निकालने की कोशिश में अंदर घुस गई। किसी तरह झुलसे आकाश व ब्रजेंद्र को बाहर निकाल लिया, लेकिन अभिमन्यु अंदर ही फंस गया। वह लपटों के बीच जिंदा जल गया। इस दौरान उर्मिला भी बुरी तरह झुलस गई। चीख-पुकार सुन गांव के लोग आग बुझाने में जुट गए। करीब घंटे भर बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया।
आग बुझने के बाद अभिमन्यु का शव बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष आनंद कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आकाश, ब्रजेंद्र व उर्मिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीएम कालपी व सीओ ने लेखपाल श्रीप्रकाश यादव को नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को भरोसा भी दिलाया कि पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।