पुलिस कार्यालय में खुलासा करते एसपी।
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पुलिस कार्यालय में एसपी अमरेंद्र सिंह ने खुलासा कर बताया कि 2 मई 2012 को कोंच के तीतरा खलीलपुर गांव से राजकुमार समाधिया (35) पुत्र कौशल किशोर का अपहरण हुआ था। अपहरणकर्ताओं ने उसे छोड़ने के लिए 30 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि इनका एक साथी जय सिंह पुत्र समरत सिंह कठेरिया निवासी ग्राम कोड़ा किर्राही थाना सिरसाकलार फरार हो गया था। पुलिस ने काफी तलाश किया और न मिलने पर एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ने सीओ के निर्देशन में एक टीम का गठन कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
सोमवार सुबह सिरसाकलार इंस्पेक्टर फुंदनलाल को मुखबिर से जयसिंह के बारे में जानकारी मिली। सूचना पाते ही उन्होंने टीम तैयार की और मुखबिर के बताए अनुसार क्षेत्र के न्यामतपुर गांव को जाने वाले तिराहे से करीब 200 मीटर दूर जय सिंह को घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस ने इसके पास से एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस कार्यालय में एसपी व एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने मामले का खुलासा कर बताया कि उसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया है।
फिरौती की मांग पूरी न होने पर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा वह पिछले छह साल से इटावा जिले में छिपकर रह रहा था। इसके खिलाफ सिरसाकलार थाने व उरई कोतवाली में हत्या व हत्या के प्रयास समेत कई संगीन मामले दर्ज है। पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर फुंदनलाल, एसआई शिवनाथ सोनकर, एसआई योगेंद्र कुमार, सिपाही राजेश कुमार, योगेश कुमार व विजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
एसपी ने बताया कि वह पिछले छह साल से इटावा जिले के भरथना क्षेत्र में अपना नाम इसरार मोहम्मद बता कर रह रहा था। इस दौरान उसने वहां एक मुस्लिम लड़की से शादी की, जिससे उसके दो बच्चे भी हैं। यहीं नहीं वह वहां पर काम कर अपना भरण पोषण कर रहा था।