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बजरंगियों के घर पुलिस का छापा, तोड़फोड़

Sun, 31 Jan 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
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धर्मांतरण के विरोध में बजरंग दल के लोगों के युवक के  बाल मुंडाकर शहर में घुमाने के आरोपी बजरंग दल के संयोजक व उनके अन्य पदाधिकारियाें के घर पर पुलिस ने छापा मारा। आरोप है कि पुलिस ने तोड़फोड़ कर महिलाओं से अभद्रता भी की है। इससे हिंदू संगठनाें ने विरोध जताते हुए आंदोलन की बात कही है।
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शनिवार की देर रात कोतवाली पुलिस ने बजरंग दल के पदाधिकारी अजय तिवारी के घर पर दबिश दी। दरवाजा न खुलने पर पुलिस ने उसे तोड़ दिया और घर केे सामान को तोड़फोड़ कर दी। अजय की भाभी सुनीता का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ भी अभद्रता की। वहीं अजय के किराएदार राघवेंद्र के साथ भी पुलिस ने मारपीट की। पुलिस ने

बजरंग दल के बंबी रोड निवासी शैलेंद्र सिंह राजावत के घर भी छापा मारा और आरोप है कि वहां भी घर में मौजूद महिलाआें के साथ अभद्रता की। इसके अलावा पुलिस ने कई और जगहाें पर दबिश देकर नेताआें के न मिलने पर उनके परिजनाें को उठा लिया। पुलिस ने आरोपी बनाए गए बजरंग दल के संयोजक अखिलेश डीहा के आवास पर भी
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छापा मारा लेकिन वह फरार हैं। इधर एएसपी शकील अहमद ने सीओ जंगबहादुर सिंह के कार्यालय में जिले व बाहर से आए फोर्स के साथ बैठक कर शहर में सुरक्षा के इंतजाम परखे। एएसपी ने बताया कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। आरोपियाें की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। उधर पुलिस के आला अधिकारी अभद्रता की बात से इंकार कर रहे हैं। हालांकि ऐसी कोई शिकायत आने पर जांच कर कार्रवाई करने की बात भी कही है।

शहर आ सकते है योगी आदित्यनाथ
धर्मांतरण का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। हिंदूवादी संगठन बजरंगियाें पर हो रही कार्रवाई से खफा नजर आ रहे हैं। सुगबुगाहट तो यह है कि जल्द ही गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ शहर में आ सकते है और वह बजरंगियाें के परिजनों के पुलिस उत्पीड़न का विरोध करेंगे।  

धर्मांतरण पीड़ित पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट
जबरन धर्मांतरण करवाने के आरोपी की ओर से कोतवाली पुलिस ने पीड़ित पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात ये कि इसमें पीड़ित पर आरोपी को उस समय तमंच से फायर कर धमकाने का आरोप है जब वह पुलिस अभिरक्षा में था। इसलिए यह रिपोर्ट लोगों के गले नहीं उतर रही है। सवाल ये है कि 29 तारीख से पुलिस अभिरक्षा में लिए जाने के बाद

पीड़ित के पास तमंचा आया कहां से । इस बाबत एसएसआई का कहना है कि वादी ने जो तहरीर दी उस पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के बाद जो भी सत्य होगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मुहल्ला सुशीलनगर निवासी अवधेश कुमार ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 30 जनवरी को थाना व कस्बा रेढ़र निवासी संगम जाटव उसके घर आया

और उस पर तमंचे से फायर कर जान से मारने का प्रयास किया। पुलिस ने बिना जांच किए ही आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज कर ली। बताते चलें कि बीती 29 जनवरी की दोपहर करीब दो बजे जिस समय बजरंग दल के लोगों ने धर्मांतरण कराने के आरोपी अवधेश का सिर मुंडाकर घुमाया था उसी दौरान कोतवाली पुलिस ने अवधेश के साथ

संगम को हिरासत में ले लिया था। अब सवाल यह है कि जब संगम पुलिस हिरासत में था तो वह 30 जनवरी को कैसे अवधेश के घर पहुंच गया और उसके पास तमंचा कहां से आ गया। अगर वास्तव में इसकी किसी एजेंसी से जांच करवा ली जाए तो पुलिस का असली चेहरा सामने आ जाएगा कि वह किस तरह से फर्जी मुकदमे दर्ज करती है।

अभिरक्षा से कब निकल गया..
वाह रही पुलिस। कभी तो सही घटना की रिपोर्ट लिखने को चक्कर कटवा दे तो कभी खुद की जान छुड़ाने को अनहोनी भी होनी कर दे। दरअसल जिस समय संगम पर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगा है और उसके पास तमंचा होने की बात कही गई है उस समय वह पुलिस अभिरक्षा में था। अब सवाल ये है कि वह कब और कैसे अभिरक्षा से निकला और तमंचा लेकर आरोपी अवधेश के घर फायर कर आया। ये तो पुलिस ही बता सकती है।
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