उरई (जालौन)। तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को बहू व उसके पिता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले में कई बिंदुओं पर पड़ताल कर कार्रवाई की बात कह रही है। पुलिस ने खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन कर दिया है। हालांकि पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। झांसी के खंडेराव गेट नंबर 2 निवासी बबलू कुमार ने उरई कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दो दिन पहले उसकी बहन अभिलाषा के घर में पिता अंजनी कुमार, नेहा के नाना ओम बाबू व बहू नेहा निवासी हरकौती ने मिलकर उसके बहनोई सुरेंद्र तिवारी, बहन अभिलाषा तिवारी व भांजे कार्तिक की 20 लाख रुपये व मकान लेने के लिए हत्या कर दी। इसके बाद दरवाजे का ताला बंद कर चाबी अंदर फेंक कर भाग गए।
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में संदेह की सुई बहू नेहा पर तो जा ही रही है। साथ ही पुलिस इस मामले पर भी अपनी जांच केंद्रित कर रही है कि कहीं यह घटना स्मैक के गोरखधंधे में पैसे के लेनदेन के लिए तो नहीं अंजाम दी गई है। पुलिस को कार्तिक के पर्स से नेपाली नोट भी मिले हैं। इससे यह तय माना जा रहा है कि स्मैक केे धंधे में यह परिवार शामिल था। इसके तार नेपाल तक से जुड़े थे। नेपाल से कार्तिक व उसकी मां की बात होती थी। पुलिस की जांच कई अन्य बिंदुओं पर भी चल रही है। जान पहचानवालों ने ही घटना को अंजाम दिया है। मौके से तमाम ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे माना जा रहा है कि चार से पांच लोगों ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस संदिग्धों की सीडीआर निकलवा रही है। इससे असली कातिल की पहचान हो सके। हालांकि अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि तहरीर पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई है लेकिन पुलिस हर पहलू बारीकी से खंगाल रही है।
कई सालों से नशे के धंधे से जुड़ी थी महिला
उरई। पुलिस को छानबीन में जो पता चला कि स्मैक व हीरोइन के धंधे से परिवार के तार जुड़े थे। पहली बार अभिलाषा करीब डेढ़ किलो हीरोइन के साथ लखनऊ में पकड़ी गई थी। उसके साथ दो अन्य आरोपी भी जेल गए थे। बताया जाता है कि 2006 से अभिलाषा इस धंधे से जुड़ी थी। उरई कोतवाली से लेकर ग्वालियर तक वह जेल जा चुकी थी।