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अधिवक्ता के घर 25 लाख की लूट

Mon, 31 Jul 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूराो
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लूटपाट के बाद घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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 उरई/रामपुरा। रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुरा गांव में रविवार रात हथियारबंद बदमाश परिजनों को बंधक बनाकर अधिवक्ता के घर से नगदी-जेवर सहित करीब 25 लाख का माल लूट ले गए। विरोध करने पर अधिवक्ता के बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। परिजनों के डायल करने पर यूपी 100 फोन नंबर नहीं उठा और सूचना देने पर भी पुलिस काफी देरी से मौके पर पहुंची। सीओ और फोरेंसिक की टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की लेकिन पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। अधिवक्ता ने थाने में तहरीर दी है लेकिन फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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 रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुरा गांव निवासी सुबोध चंद्र पांडे पेशे से अधिवक्ता हैं। वह और उनके दो भाई गांव के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। अधिवक्ता का घर बस्ती से कुछ दूरी पर है। रविवार रात खाना खाने के बाद तीनों भाई परिवार के साथ अपने-अपने कमरे में सो गए। रात करीब एक बजे मुख्य गेट ताला तोड़कर बदमाश घर में घुस आए। बदमाशों ने सुबोध और उनके भाई सतीश पांडे के कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर कर लूटपाट शुरू कर दी। आहट होने पर अधिवक्ता के बड़े भाई सुरजीत पांडे (52) अपने कमरे से बाहर निकले। बाहर तीन बदमाश हाथों में बंदूक, कुल्हाड़ी और साबड़ लेकर खड़े थे। बदमाशों के अन्य साथी जेवर और नगदी बैगों में भर रहे थे। सुरजीत बदमाशों का ललकारा, इस पर बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। शोर सुनकर परिवार के अन्य लोग जाग गए लेकिन कमरे बाहर से वह बेबस रहे। करीब तीन मिनट तक बदमाश सुरजीत को पीटते रहे और अंत में पैर में कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इसके बाद बदमाश नगदी, जेवर लेकर भाग निकले। सुरजीत ने किसी तरह भाइयों के कमरे की कुंडी खोली। परिजनों ने यूपी 100 पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद सतीश पांडे पड़ोसी राघवेंद्र के साथ मकान से करीब 500 मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी पहुंच और वारदात की सूचना दी। सूचना के काफी देर बाद थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार, सीओ अजय कुमार शर्मा और फील्ड यूनिट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने सुरजीत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सुरजीत ने बताया कि बदमाश करीब ढाई लाख रुपये और सोने, चांदी के 23 लाख के जेवर लूट ले गए हैं। परिजनों ने पांच से अधिक बदमाश होने का दावा किया है लेकिन सीओ का कहना है कि तहरीर में बदमाशों की संख्या तीन बताई गई है। अभी कितना माल गया है, ये स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुछ संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की जा रही है, जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।

परिजनों को बंधक बना दो घंटे की लूटपाट
 उरई। जगम्मनपुरा गांव के अधिवक्ता के परिवार को बंधक बनाकर बदमाशों ने करीब दो घंटे तक लूटपाट की। टोकने पर बड़े भाई को पीटा और कुल्हाड़ी से हमला कर भाग निकले। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिवक्ता के भाई ने बताया कि बदमाश युवा और अधेड़ उम्र के थे। अगर सामने आएं तो उन्हें पहचान लेंगे।
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 रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुरा गांव निवासी अधिवक्ता सुबोध चंद्र पांडे, उनके बड़े भाई सुरजीत पांडे (52) और सतीश पांडे रविवार रात अपने अपने परिवार के साथ अपने कमरों में सो रहे थे। रात करीब एक बजे मुख्य गेट (चैनल) का ताला तोड़कर हथियार बंद बदमाश घर में घुस गए। खटपट होने पर करीब 2:30 बजे अधिवक्ता के बड़े़ भाई कमरे से बाहर निकले। टोकने पर बदमाशों पर बंदूक, कुल्हाड़ी और साबड़ लिए तीन बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। करीब तीस मिनट सुरजीत बदमाशों से जूझते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक घर में उपद्रव करने के बाद बदमाश सुरजीत के पैर में कुल्हाड़ी मरकर भाग निकले। सुरजीत के दरवाजा खोलने पर दोनों भाई बाहर निकले और यूपी-100 पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। इस पर करीब 3:15 बजे वह पड़ोसी के साथ पुलिस चौकी निकले। इसके करीब पंद्रह मिनट बाद पुलिस को सूचना मिले गई, इसके बावजूद पुलिस करीब 4 बजे मौके पर पहुंची। जिला अस्पताल में भर्ती सुरजीत ने बताया कि बदमाश लूटपाट कर निकलने वाले थे, उसी समय मेरी नींद खुल गई। टोकने पर एक बदमाश साथियों से कहा जाग गया है, इसे मार डालो छोड़ना नहीं। इसके साथ ही बदमाश उन पर टूट पड़े। सुरजीत ने बताया कि कुछ बदमाश युवा और कुछ अधेड़ उम्र के थे। एक बदमाश चेहरे ढके थे। अगर वह सामने आ जाएं तो पहचान लूंगा। उनकी आवाजें भी पहचान लूंगा।
वसूली में व्यस्त थे डायल 100 के सिपाही
उरई। अधिवक्ता ने बताया कि यूपी 100 पर फोन न उठने पर साथी के साथ बाइक से पुलिस चौकी के लिए निकले। रास्ते में कहीं पुलिस दिखाई नहीं दी। चौकी पर दो सिपाही मौजूद थे। वहीं से थाने पर सूचना दी। चौकी से लौटते समय हाईवे पर एक यूपी-100 की गाड़ी के सिपाही मौरंग लदे ट्रक के चालक से वसूली कर रहे थे। अधिवक्ता ने सिपाहियों को लूट की जानकारी दी। आरोप है कि इस पर सिपाहियों ने अधिवक्ता को झिड़क दिया और कहा कि चल रहे हैं, ट्रक की जांच कर लें, वर्ना चालक ट्रक लेकर भाग जाएगा।
किसी करीबी का हाथ होेने की आशंका
उरई। बदमाशों अंदर के कमरे में रखी तिजोरी भी तोड़ डाली। जिस कमरे में तिजोरी रखी थी उसकी जानकारी परिवार के सदस्यों के अलावा परिवार के करीबियों को ही थी। बदमाश तिजोरी तोड़कर पुरखों के बनवाए लाखों के जेवर उठा ले गए। पुलिस का मानना है कि वारदात में किसी करीबी का हाथ है। उधर ग्रामीणों ने का कहना है कि बदमाश बोलेरो से आए थे। देर शाम एक बोलेरो में सात आठ लोग बैठे देखे गए थे। ग्रामीणों ने भी वारदात में किसी न किसी ग्रामीण के शामिल होने की आशंका जताई। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पूरे दिन जुआ का फड़ लगता है। वारदात में जुआरियों का ही हाथ हो सकता है।
ग्रामीणों ने दिखा गुस्सा
वारदात के बार सोमवार सुबह सीओ और रामपुरा थाना प्रभारी मिथलेश गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने सीओ के समक्ष ही थाना पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस गश्त पर होती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। आरोप था कि थानाध्यक्ष कभी गांव झांकने तक नहीं आते हैं। घर की महिलाओं में सुबह तक दहशत व्याप्त थी। पुलिस मौजूद होने के बावजूद वह कांप रही थीं।
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