उरई (जालौन)। किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोपी पर दोष साबित होने पर अपर जिला जज अमित पाल सिंह ने सात साल के कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना दो साल पुरानी है।
कालपी नगर के एक मोहल्ला निवासी एक पिता ने कालपी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी (16) को मोहल्ले का ही मोनू सैनी पुत्र शारदा प्रसाद 21 अप्रैल 2017 की दोपहर करीब एक बजे बहला फुसलाकर भगा चरखारी (महोबा) ले गया। वहां मोनू ने अपनी बहन के यहां बेटी को तीन महीने रखा।
तीन महीने बाद उसकी बेटी ने खुद कोर्ट में पेश होकर घटना की जानकारी दी। शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि मंगलवार को इस मामले में अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने मोनू पर दोष साबित हो जाने पर पॉक्सो एक्ट में सात साल की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।