कुठौंद के भदेख गांव में गुरुवार रात बिजली न आने की वजह से पूरे गांव में अंधेरा था। इसका फायदा उठाते हुए चोरों ने दो घरों को अपना निशाना बना लिया। सबसे पहले चोर गांव के शशिकांत चतुर्वेदी पुत्र मुन्नीलाल के घर को निशाना बनाते हुए पीछे की दीवार से छत के रास्ते होते हुए अंदर पहुंचे। उस वक्त शशिकांत व उनकी पत्नी राधा छत पर सो रहे थे, जबकि मां रामखिलौनी आंगन में सोई हुईं थीं। चोरों ने उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गईं।
इसके बाद चोरों ने कमरे में रखी अलमारी का लॉक तोड़ दिया और एक सोने की जंजीर, चार अंगूठी, दो कड़े, चांदी के 18 सिक्के, कान के कुंडल व 8 हजार रुपये नगद के अलावा दूसरे कमरे में रखा बक्सा भी अपने साथ ले गए। बताते हैं, उसमें भी कुछ जेवर रखे थे। इसके बाद चोरों ने गांव के मूलचंद तिवारी पुत्र शंकर दयाल के घर पर धावा बोल दिया। चोरों ने उनके घर में भी छत के रास्ते घुसने की कोशिश की तो छत पर सो रहे घरवालों की आंख खुल गई। उनके चिल्लाने पर चोर भाग निकले। इसके कुछ देर बाद चोर गांव के नाथूराम केवट पुत्र कालीचरण के घर में छत के रास्ते अंदर घुस गए। नाथूराम तब घर के बाहर लेटे थे और पत्नी, बेटा व बहू छत पर सो रहे थे।
चोरों ने घर के मुख्य दरवाजे व जीने की कुंडी अंदर से बंद कर ली। इसके बाद चोरों ने कई घंटे तक घर खंगाल डाला। सुबह नाथूराम ने कुंडी बंद पाई तो उनके होश उड़ गए। उसने बताया कि चोर उसके घर से बक्सों के ताले तोड़कर चांदी के कडे़, बिछुआ, पायल, छल्ला, तीन ओम, खड़वा, ब्रज बाला, झुमकी, टॉप्स, झुमकी, अंगूठी, जंजीर, सोने के सुई धागा समेत करीब 13 लाख रुपये के जेवर चोरी कर लिए। नाथूराम ने बताया कि इसमें से कुछ जेवर उनके रिश्तेदार, बहन और बेटी का भी रखा था। जोकि चोरी चला गया। सुबह पीड़ितों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर में छानबीन की। पीड़ितों ने घरों में हुई चोरी की तहरीर दे दी है।
एक सप्ताह पूर्व भी हुआ था चोरी का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह मिट्ठू लाल निषाद के घर पर भी चोरों ने धावा बोला था। मगर उसकी पत्नी के देख लेने पर उसके चिल्लाने पर ग्रामीणों ने चोर को पकड़ लिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने लाई, जहां उसके खिलाफ बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ दिया। उस पकड़े गए संदिग्ध ने अपना नाम ओमप्रकाश उर्फ दरोगा पुत्र कृपाराम निवासी ग्राम पहाड़पुर थाना सहायल जिला औरैया बतायाथा। पुलिस ने उसे किसी व्यक्ति की सुपुर्दगी में छोड़ दिया था।