कालपी। सपा नेता और महेबा के पूर्व ब्लाक प्रमुख समर सिंह चौहान उर्फ गुड्डू महेवा को कोतवाली पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उनके खिलाफ ठेकेदार वीरपाल सिंह ने पांच लाख रुपए रंगदारी मांगने और झूठे मुकदमे में फंसाए जाने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई थी। पूर्व ब्लाक प्रमुख के साथ पांच और लोगों को पकड़ा गया है। जिनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर कोतवाली और अस्पताल में पुलिस का जमावड़ा रहा। इस दौरान बड़ी मात्रा में फोर्स तैनात रहा।
कोतवाली के मुख्य इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया की पूर्व ब्लाक प्रमुख समर सिंह के खिलाफ ग्राम मंगरौल निवासी ठेकेदार वीरपाल सिंह ने कालपी कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया था कि आरोपित ने मंगलवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे ग्राम हररायपुर के पास उन्हें रोककर उससे पांच लाख रुपये की जबरिया धन उगाही की मांग की है। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने रंगदारी मांगने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पूर्व ब्लाक प्रमुख को जोल्हूपर मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
पूर्व ब्लाक प्रमुख को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच चिकित्सीय परीक्षण कराकर जेल भेजा गया है। गुड्डू महेवा के ऊपर कार्रवाई के बाद भारी सुरक्षा बल तैनात रहा और कोतवाली आने-जाने वाले लोगों से भी कड़ी पूछताछ की गई। आला अधिकारी भी कोतवाली में जमे रहे। कोतवाली में किसी को आने जाने नहीं दिया गया। कोतवाली पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख के पकड़े गए उनके साथियों के ऊपर शांतिभंग की कार्रवाई की है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख गुड्डू महेबा के भतीजे शिवा की एक सड़क दुर्घटना में पिछले दिनों मौत हो गई थी। गुड्डू महेबा का आरोप था कि उनके भतीजे की हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप दिया गया है। इसके लिए उन्होंने सरकार के एक कद्दावर मंत्री, एक प्रसपा नेता और एक ठेकेदार वीरपाल सिंह पर आरोप लगाए थे। न्याय की मांग को लेकर कोतवाली में धरना भी दिया था। अब वह न्याय की मांग को लेकर चौरासी के क्षत्रिय समाज में गांव-गांव बैठकें कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को मुसमरिया गांव में बैठक करने गए थे। रात को एक मंदिर में रुके थे। वुधवार को गांव में बृहद बैठक होनी थी। बैठक से पूर्व ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पिछले एक माह में उनके ऊपर तीन मुकदमे भी दर्ज करा दिए गए हैं।