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दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट में दो को दस दस साल की सजा

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उरई (जालौन)। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देने का दोष सिद्ध होने पर स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट गुलाम मुस्तफा ने शनिवार को दो लोगों क-ो दस दस वर्ष की कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला करीब साढ़े तीन साल पुराना है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन के मुताबिक, 7 जून 2017 को जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने नाबालिग बेटी संग दुष्कर्म कर वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी की रिपोर्ट राहुल कुशवाहा पुत्र घनश्याम, कमल पुत्र शिवपाल के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस को बताया था कि दोनों लोग उसकी बेटी को डरा धमका कर सुनसान स्थान पर ले गए और फिर दोनों ने दुष्कर्म किया।
इतना ही नहीं युवकों ने घटना का वीडियो भी बनाया और बेटी को वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल करने लगे। इस पर बेटी ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद मामला थाने पहुंचा।
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शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, पुलिस ने दो तीन दिन की शुरुआती जांच के बाद दुष्कर्म और वीडियो बनाकर धमकाने समेत पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार को स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट ने राहुल कुशवाहा व कमल को दस-दस वर्ष कारावास व 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि उनके निर्देशन में शक्ति मिशन अभियान के तहत उक्त मामले की पैरवी विश्वजीत गुर्जर विशेष लोक अभियोजक ने की।
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