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पत्नी-बेटी उठा ले जाने की धमकी देते थे सूदखोर

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उरई/कुठौंद। सूदखोरों से त्रस्त होटल संचालक की मौत के चौबीस घंटे बीतने के बाद भी अभी तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि सूदखोर लगातार होटल संचालक सुबोध मिश्रा को धमका रहे थे, यहां तक कि पत्नी और बेटी को भी उठा ले जाने की धमकी देते थे। जिस कारण वह काफी तनाव में था और आखिर में उसने जिस्म पर सूदखोरों के नाम लिखकर सुसाइड कर लिया।
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बुधवार को होटल संचालक सुबोध मिश्रा की जहर खाने से मौत हो गई थी। उसने मौत से पहले न सिर्फ सुसाइड नोट पर बल्कि अपने पेट व हाथ पर सूदखोरों के नाम लिखकर उन्हें ही मौत का जिम्मेदार बताया था। सुबोध पर करीब 20 लाख का कर्ज था। वही थाना पुलिस बुधवार से ही एफआईआर दर्ज करने के बजाए जांच पड़ताल की बात कर रही है। पोस्टमार्टम हाउस में सुबोध के भाई चिंटू मिश्रा ने बताया कि अक्सर सूदखोर होटल आते थे और देर रात तक वहीं खाते पीते फिर भाई को धमकाते थे। जिससे भाई काफी तनाव में रहने लगा। सूदखोरों की आवाजें ऊपर स्थित घर तक जाती थी, जिससे बच्चे भी भयभीत रहते थे। सुसाइड नोट में सुबोध ने जिन सूदखोरों के नाम लिखे हैं, उनमें जनपद के अलावा फतेहपुर और औरैया के भी लोग शामिल हैं।
वहीं, सुबोध ने अपनी मौत से पहले थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज दोनों के नाम होटल की बिल बुक पर लिखा है कि साहब इन लोगों को छोड़ना नहीं। यही हमारी मौत के जिम्मेदार हैं। सभी सूदखोरों के नाम के आगे उनके जिलों के नाम भी लिखे है। घरवालों से भी सूदखोरों को न छोड़ने की बात लिखी है। घटना के बाद से ही सुबोध की पत्नी सुनीता बदहवास सी हो गई है। वह बार-बार पति का नाम लेकर चीखती चिल्लाती है। वहीं, सूदखोरों की धमकी को लेकर उनकी दोनों बेटियां दीक्षा व राधिका भी सहमी हुई है। जिस कारण परिवार वाले तीनों को होटल वाले घर में छोड़ने के बजाए गांव मदनेपुर लेकर चले आए हैं।
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