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गोशालाएं आधी अधूरी, पहरा देना बना मजबूरी

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कदौरा की अधूरी पड़ी गोशाला - फोटो : ORAI
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उरई। जिले में अन्ना मवेशियों की समस्या की मुख्य जड़ है आधी अधूरी गोशालाएं, जिन्हें शासन ने तो करीब साल भर पहले ही स्वीकृत कर दिया है लेकिन उनके निर्माण में हीलाहवाली का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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किसानों का कहना है कि कदौरा, आटा, रामपुरा, माधौगढ़, एट, सरावन, कोंच, जालौन आदि स्थानों पर जगह जगह गोशालाएं बन तो रही हैं। मगर कब तैयार होंगी कोई बताने वाला नहीं है। जो गोशालाएं बनी भी है तो वहां चारे पानी के भरपूर इंतजाम न होने के कारण मवेशियों का ठिकाना नहीं बन पा रहा है। जिस कारण मवेशियों का झुंड हाईवे और खेतों पर नहीं अब तो ट्रेन की पटरियों तक नजर आने लगा है। किसानों के लिए रात रात भर जागकर खेतों की रखवाली करना मजबूरी बना हुआ है। आटा और कदौरा की गोशालाओं में तो कई बार अधिकारी निरीक्षण भी कर चुके हैं, हर बार सिर्फ काम में तेजी लाने के निर्देश तो जरूर दिए जाते हैं लेकिन काम पूरा होता दिखता नहीं है। यही कारण खरीफ की फसल की तरह अब रबी की फसल में मवेशियों की भेंट चढ़ रही हैं।
बाड़ा बनाया पर काम न आया
आटा। भंडरा डेरा गांव के किसानों ने हाल ही में कुछ मवेशियों के लिए जंगल में झाड़ियों से पाटकर एक बाड़ा भी तैयार किया था पर वह भी काम न आया। बाड़े में 40-50 ही मवेशियों का इंतजाम मुश्किल से हो पाया, जबकि आसपास के गांवों को मिलाकर करीब 600 से 800 मवेशियों का झुंड मंडरा रहा है।
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न तो गेट और न ही चारा व भूसा
सरावन। सरावन कस्बे में ही करीब 1000 अन्ना मवेशी मंडराते रहते हैं। यहां अभी तक गोशाला का निर्माण अधूरा पड़ा है। अब तक न तो गेट का निर्माण ही कराया गया है और न ही मवेशियों के लिए छाया व भूसे का ही कोई इंतजाम हो सका है। किसानों ने अफसरों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कैसे चलेगा साल भर का खर्च
सरावन। क्षेत्र के किसान राज मोहम्मद का कहना है कि वह रोज खेत की रखवाली करते थे। बुधवार की रात न जाने कैसे सो गए और सुबह देखा तो दो बीघा मटर की फसल को जानवरों ने चट कर गए थे। सिर्फ दो बीघा जमीन ही पूरे परिवार का पेट पाल रही है, अब साल भर कैसे खर्च चलेगा। यही सोचकर परेशान हैं।
अफसर गंभीर हों तो बने गोशाला
आटा। किसान मैयादीन का कहना है कि सिर्फ निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, जब तक अधिकारी अधूरी गोशालाओं को पूरी गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक उनके काम में तेजी आना संभव नहीं है। यदि जल्द ही गोशालाओं को पूरा नहीं किया गया तो किसान तो पूरी तरह से बर्बाद ही हो जाएगा।
वर्जन
तहसील में जहां पर भी गोशालाएं अधूरी पड़ी हैं। वहां के ग्राम प्रधानों व सचिवों से जवाब तलब किया जाएगा, यदि उनके कार्य में किसी भी तरह की हीलाहवाली पाई गई तो सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।-सालिक राम, एसडीएम माधौगढ़

किसान राज मोहम्मद- फोटो : ORAI

किसान म इयादीन- फोटो : ORAI

कदौरा हाईवे पर घूमते अन्ना मवेशी- फोटो : ORAI

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