उरई। लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों और जनपदों से गांव लौट रहे लोगों की आशा वर्करों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी डीएम व सीएमओ को पत्र भेजकर इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। इस काम के लिए आशा कार्यकर्ताओं को अप्रैल और मई में एक-एक हजार रूपये अतिरिक्त प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। आशा संगिनी को भी इस दौरान क्षेत्र के प्रति अतिरिक्त भ्रमण पर 100 रूपये और अधिकतम 500 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
आशा कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र के भ्रमण कर ऐसे घरों को चिह्नित करें जहां 14 दिनों के भीतर बाहरी जनपदों से लोग आए हैं। ऐसे लोगों व परिवारों की सूची आशा कार्यकर्ता आशा संगिनी के माध्यम से ब्लाक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर को देंगी जिसे वह पोर्टल पर अपलोड करेंगे ताकि उसको ब्लाक, जिला व मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारी देख सकें। होम क्वेरेनटाइन किये गए लोगों का फालोअप करेंगी।
आशा कार्यकत्र्ता पिछले 15 दिनों के भीतर बाहर की यात्रा करने वालों पर भी नजर रखेंगी। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन 25 से 30 घरों का भ्रमण करना होगा ताकि आठ कार्य दिवसों में वह अपने कार्यक्षेत्र का गृह भ्रमण पूर्ण कर सकें। शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को 16 कार्यदिवसों में अपने कार्य क्षेत्र में गृह भ्रमण का कार्य पूर्ण करना है। आशा के कार्यों का सत्यापन आशा संगिनी करेंगी और जहां आशा संगिनी नहीं हैं वहां एएनएम सत्यापन करेंगी। इसके अलावा सावधानी बरतने के लिए जागरुक करेगी।