उरई। रामपुरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुई नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने हाकिम सिंह को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 18 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी को 30 जून 2017 को उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरहा निवासी हाकिम सिंह अपने साथ ले गया था। घटना के समय किशोरी के माता-पिता मनरेगा के तहत मजदूरी करने गए थे। शाम को घर लौटने पर बेटी के नहीं मिलने पर परिजन ने तलाश शुरू की। ग्रामीणों से जानकारी मिली कि हाकिम उसे अपने साथ ले गया है।
घटना के आठ दिन बाद आठ जुलाई 2017 को हाकिम किशोरी को ऊमरी चौराहे पर छोड़कर भाग गया था। घर पहुंचने पर किशोरी ने परिजन को घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता ने रामपुरा थाने में हाकिम सिंह और उसके भाई कल्लू के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचना के दौरान पीड़िता के न्यायालय में बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने दुष्कर्म की भी पुष्टि की। जांच के दौरान कल्लू के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम विवेचना से हटा दिया गया जबकि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने 11 जनवरी 2018 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।