बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने यहां कहा कि युवा शक्ति सकरात्मक सोच के साथ आगे बढ़ती है तो राष्ट्र की तरक्की होती है। लक्ष्य बनाकर युवाओं को आगे बढ़ना होगा। चमक-दमक में अक्सर युवा अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं, जो ठीक नहीं है। भारतीय संस्कृति को संरक्षित और आगे बढ़ाना होगा। मातृ शक्ति का सम्मान हमारी परंपरा रही है, इसे आगे
बढ़ाना होगा। वे रविवार को उरई में नगर पालिका परिषद व किड्सजी संस्था की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। अभिनंदन समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बिहार के महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोबिंद का अभिनंदन किया गया। अभिलाषा उपाध्याय व ज्योति पांडेय ने
बुके भेंट कर व बैज लगाकर उनका सम्मान किया। नगर पालिका परिषद की चेयरमैन गिरजा चौधरी व सभासदों ने स्मृति चिह्न भेंट किए। उमाशंकर वर्मा ने राज्यपाल को मुकुट पहनाया। पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि विजय चौधरी ने बुके देकर सम्मानित किया। कोरी समाज के रामप्रकाश मुखिया, काशी कोरी, विनोद वर्मा आदि ने भी अभिनंदन किया।
इस दौरान बिहार के राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में एकाग्रता जरूरी है, जब वह चमक दमक में उलझ जाता है तो वह अपने मुख्य लक्ष्य से भटक जाता है। युवाओं के कंधों पर इस राष्ट्र की तरक्की का भार है, उन्हें लक्ष्य बनाकर सकरात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मदर्स डे पर कहा कि जहां पर कौटंबिक परंपरा नहीं है वहां पर इन दिवसों का महत्व अधिक है।
हम इनको मनाएं जरूर लेकिन अपनी संस्कृति को भी आगे बढ़ाएं। उन्होंने बुंदेलखंड को अपनी कर्मभूमि बताया और कहा कि यहां के लोगों ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। कई मायनों में यूपी व बिहार में समानता होने की बात कही। बिहार को लेकर जो आमजन में सोच है वैसा बिहार नहीं है। इस दौरान स्कूल के छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महामहिम ने
उन्हें पुरस्कृत भी किया। जल प्रबंधन बेहतर तरीके से करने पर डीएम संदीप कौर, 1090 नंबर का बेहतर प्रचार प्रसार और उसके महत्व को समझाने के प्रयास पर एसपी बबलू कुमार
को सम्मानित किया। इस मौके पर मंचासीन यज्ञदत्त त्रिपाठी, शैलेंद्र पांडेय, डॉ. रेणू चंद्र, डा. राजश्री पुरवार के अलावा कार्यक्रम में सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, एडीएम आनंद कुमार समेत राजनीतिक दलों के तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पवन पुत्र बादल ने किया।