कोंच (जालौन)। रणजीत की एक महिला रिश्तेदार से श्यामू का प्रेम प्रसंग था। इसका रणजीत विरोध करता था। इसी मामले में दोनों के बीच पहले विवाद भी हुआ था। बाद में मौका मिलने पर श्यामू ने रणजीत की हत्या कर दी। इन बातों का खुलासा सीओ राहुल पांडे ने किया। कहा कि मामले में भले ही चार लोग नामजद हो लेकिन हत्या अकेले श्यामू ने ही की है।
सीओ ने बताया कि 29 मार्च को श्यामू ही रणजीत को उसके गांव सुलखना से लेकर जनकपुरी के पास सुनसान में स्थित मंदिर लेकर आया था। जहां पर दोनों ने पहले शराब पी। इसके बाद श्यामू ने वहीं पर ईट से कुचलकर रणजीत की हत्या कर दी और उसकी बाइक लेकर भाग निकला। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। श्यामू के पास से पुलिस ने रणजीत की बाइक भी बरामद की है। सीओ ने बताया कि श्यामू अपराधी प्रवत्ति का है। उस पर पहले से दहेज उत्पीड़न, हत्या और लूट आदि मामले दर्ज है। वह काफी दिनों से फरार था। श्यामू पर 25 हजार का इनाम भी था।
महंगी पड़ सकती थी लंबी पूछताछ
पुलिस भले ही रविवार को श्यामू के हाथ आने की बात कह रही हो लेकिन सूत्रों के मुताबिक, हकीकत यह है कि उसे पुलिस ने दो दिन पहले ही भेड़ गांव के बीहड़ से पकड़ा था और उससे पूछताछ कर रही थी। यदि रविवार को श्यामू की जान को कुछ हो जाता तो पुलिस की मुश्किल बढ़ सकती थी।
सीओ ने तलब किया कोतवाली का ड्यूटी चार्ट
अभिरक्षा के दौरान हत्यारोपी श्यामू तक लोहे का तार पहुंचा कैसे, इसकी जांच के लिए सीओ ने कोतवाली का ड्यूटी चार्ट भी मंगाया है, ताकि पता चल सके कि घटना के वक्त किस पुलिस कर्मी की ड्यूटी कहां थी। उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी ने भी चुप्पी साधी
श्यामू के लहूलुहान होते ही पुलिस ने पहले तो कोतवाली में ही उसके इलाज का प्रयास किया। इसके बाद उसे सीएचसी लाया गया, फिर यहीं से खटारा एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। कोतवाली से लेकर सीएचसी और जिला अस्पताल तक उसके साथ क्या हुआ, इस बारे में श्यामू ने मीडिया से एक शब्द भी बात नहीं की और न ही पुलिस ने ही मीडिया को उससे पूछताछ का कोई मौका दिया।