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Jalaun News: प्लास्टर के नाम पर मरीजों से वसूली, सीएमओ ने पकड़ा

Sat, 06 Jul 2024 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने शुक्रवार दोपहर एक बजे जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से चल रहे वसूली के खेल को भी पकड़ा। हड्डी विभाग की ओपीडी में एक कर्मचारी ने मरीज से प्लास्टर के नाम पर 270 रुपये वसूले और रसीद भी नहीं दी। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने सीएमएस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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सीएमओ डॉ. शर्मा को निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ. बीपी सिंह, डॉ. संजीव अग्रवाल व डॉ. अदील अंसारी गैरहाजिर मिले। पूछने पर बताया गया कि डॉ.बीपी सिंह की इमरजेंसी में ड्यूटी है, जबकि दो चिकित्सक पोस्टमार्टम ड्यूटी में है। उन्होंने सीएमएस से कहा कि जो भी कर्मचारी कहीं जाएं, पूरी जानकारी उनके संज्ञान में होनी चाहिए। मनमाने तरीके से गायब रहने वाले चिकित्सकों को सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बाहर की दवा लिखने की शिकायत पर चेस्ट फिजीशियन शिवेश वर्मा को फटकार लगाई। कहा कि आइंदा बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई होगी, साथ ही उनके निलंबन की संस्तुति भी शासन से की जाएगी। मनकक्ष में दीपना व अर्चना विश्वास गैरहाजिर मिलीं। इस पर सीएमओ ने दोनों का स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
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पैथोलॉजी में कर्मचारी के बिना ड्रेस के आने पर नाराजगी जताई। कहा कि इस तरह बिना ड्रेस कोड के नौकरी बर्दाश्त नहीं होगी। सभी कर्मचारी ड्रेस कोड का पालन करें। उन्होंने कहा कि 30 साल से अधिक आयु के सभी मरीजों के बीपी और शुगर की जांच सुनिश्चित की जाए। इमरजेंसी के बाहर मैदान में पानी भरने की समस्या के लिए सीएमएस से व्यवस्था करने को कहा। सिटी स्कैन कक्ष की दीवार टूटने की समस्या पर संबंधित कंपनी और विभाग को पत्राचार करने के लिए कहा। इस दौरान सीएमएस डॉ. अनिल राज, डॉ. शक्ति मिश्रा, डॉ. दीपक आर्या, राहुल अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।



वेंडर से होगी खरीद, मरीजों से रुपये नहीं ले सकेंगे चिकित्सक
उरई। हड्डी वाले मरीजों से इनप्लांट के नाम पर रुपये लेने की समस्या दूर करने के लिए सीएमओ ने सीएमएस और हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों को निर्देशित किया कि किसी भी मरीज से इनप्लांट के नाम पर रुपये न लिए जाएं। जिन मरीजों को इनप्लांट करना है, उनके लिए लोकल स्तर से खरीदारी करें। उन्होंने सीएमएस को निर्देशित किया कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर एक वेंडर (मेडिकल सप्लाई करने) से बात करें और उसी से जरूरी इनप्लांट की खरीदारी करें। किसी मरीज से यह नहीं कहे कि इनप्लांट में इतना खर्चा होगा। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक, कर्मचारी और बाहरी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। (संवाद)
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