उरई। हैलो, हम जिला अस्पताल से बोल रहे हैं, कहां तो तुम। अपने मरीज का हड्डी का ऑपरेशन कराना है, करवा दोगे। दूसरी ओर से दलाल की आवाज आई, कौन बोल रहे, इस पर सीएमओ बोले, अरे... हम जिला अस्पताल से एक मरीज के रिश्तेदार बोल रहे हैं। जल्दी आओ, हम इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर के बाहर खड़े है। यह बातचीत जिला अस्पताल में निरीक्षण के लिए आए सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा और एक दलाल के बीच की है। जैसे ही सीएमओ के झांसे में दलाल आया, सीएमओ ने ट्रामा सेंटर के बाहर पुलिस को भेजकर उसे गिरफ्तार करा दिया।
दरअसल जिला अस्पताल में हड़्डी रोग के मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर वसूली की आए दिन शिकायतें मिल रही थी। इस खबर को अमर उजाला ने अभियान चलाकर प्रकाशित किया था। इस पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। हालांकि डीएम राजेश कुमार पांडेय इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार जायसवाल और सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार सुबह सीएमओ व सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश मरीजों ने ऑपरेशन के नाम पर वसूली की बात कही। निरीक्षण के दौरान जांच टीम एक मरीज पातीराम के पास पहुंची। उनके तीमारदार मनीष नागर ने बताया कि वे मेडिकल कॉलेज गए थे। वहां पर एक दलाल ने उन्हें जिला अस्पताल जिला अस्पताल में दलाल संजय गौतम से मिलने की सलाह दी।
बताया कि उस दलाल ने 18 हजार में ऑपरेशन कराने का दावा किया। मनीष ने टीम को बताया कि वह स्टाफ नर्स के रूम में बैठकर फाइल आदि बनवा रहा था। इस पर सीएमओ ने मनीष से दलाल का नंबर लिया और खुद मरीज का रिश्तेदार बनकर बात की। जैसे ही दलाल आया और मनीष ने उसकी पुष्टि की तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई मरीजों ने टीम के सामने मानी वसूली की बात
उरई। जांच टीम ने वार्डों में भर्ती मरीजों से भी पूछताछ की। जखा निवासी छुटकन ने इलाज के नाम पर 20 हजार और बिहार के चंद्रशेखर ने इलाज के नाम पर 27 हजार रुपये लेने की बात कही। हालांकि किसी मरीज ने चिकित्सक का नाम नहीं लिया। जांच टीम ने माना कि बिना चिकित्सक और स्टाफ की सहमति से इस तरह की दलाली नहीं चल सकती है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस तरह की अव्यवस्थाओं पर सीएमएस समेत स्टाफ को फटकार लगाई। कहा कि स्टाफ ने दलाल पाल रखे हैं।
वर्जन
एक दलाल के नर्सिंग स्टाफ के रूम में बैठने और मरीजों के रुपये लेने की बात पता चली है। एक मरीज के तीमारदार ने इसकी पुष्टि भी की है। दलाल को पकड़ लिया गया है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है। स्टाफ के रूम में दलालों को बैठाने वाली नर्स और अन्य स्टाफ की जांच की जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। -डॉ.अनिल राज, सीएमएम, जिला अस्पताल