पूरा जिला संक्रमण की चपेट में है। रोज किसी न किसी गांव में संक्रमण फैलने की सूचनाएं आ रही हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग ने भी हथियार डाल दिए हैं। बुधवार को सीएमओ अशोक कुमार ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में पूरे जिले में टीमें भेजना संभव नही है। इसलिए बीमारी पर लोग खुद ही 108 एंबुलेंस का प्रयोग
कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचें। सीएमओ की इस बात से स्वास्थ्य विभाग के उन दावों की पोल खुल गई है जिनमें लगातार कहा जाता था कि हर स्थिति से निपटने के लिएतैयारी पूरी है। इस समय जिले के दो दर्जन से अधिक गांव संक्रमण की चपेट में हैं। अब तक बुखार से कई मौतें भी हो चुकी हैं। लगातार बढ़ रहे दबाव के चलते अब स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुद
ही स्वीकार कर लिया है कि वह बहुत कुछ करने की स्थिति में नहीं है। बुधवार को सीएमओ अशोक कुमार ने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता बुलाई। यहां पर उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। जिले में 927 राजस्व ग्राम हैं, जबकि डाक्टर कम हैं। ऐसी स्थिति में प्रत्येक गांव में डाक्टरों की टीम भेजना संभव नहीं हैं। इसलिए
पीड़ित मरीज 108 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग कर अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचें। वहां पर उनका समुचित उपचार किया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी औषधियां, ओआरएस
आदि उपलब्ध हैं। अगर कहीं पर दवाओं की कमी है तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम के नंबर 05162-252516 पर दें। उन्हाेंने कहा कि अगर किसी गांव में मरीजों की संख्या बहुत अधिक हो गई है तो वहां पर चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमारी पर नियंत्रण किया जाएगा।