उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को शहर में पेयजल, सीवरेज और सफाई के लिए 286.44 करोड़ की तीन परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया। इसमें अमृत योजना, सीवरेज योजना के फेज-एक शामिल है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से पहले चरण में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से टंकियों तक पानी पहुंचाया गया है। अगले महीने से वार्डों में जलापूर्ति की शुरुआत होगी। वहीं सीवरेज-फेज एक परियोजना में शहर में 16 किमी भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर 2200 घरों को जोड़ा गया है। अगले चरण में पूरे शहर में सीवरेज लाइनें बिछाने का काम होगा।
लोकार्पण कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता, जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे, नगरपालिका प्रशासक/एसडीएम अतुल कुमार, ईओ ओमप्रकाश समेत पालिका कर्मी और नागरिक मौजूद रहे। ईओ ने मौजूद अधिकारियों और नागरिकों को परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अमृत योजना-फेज एक (अटल मिशन ऑफ रेजुवेशनल एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) के तहत 253 करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत पाइप लाइन और वाटर टैंकों का निर्माण किया गया है। योजना में डब्ल्यूटीपी के जरिये गंगा नदी के पानी को साफ करके भूमिगत और ओवरहेड टैंकों के जरिये शहर के सभी 32 वार्डों में 30 हजार घरों में और गंगाघाट नगर पालिका क्षेत्र के सभी 28 वार्डों में हर घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जानी है। गुरुवार को इस परियोजना के पहले फेज का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल लोकार्पण किया। पहले फेज में डब्ल्यूटीपी से शुद्ध पानी को टंकियों तक पहुंचाया गया है। एक्सईएन सुनील सिंह ने बताया दूसरे चरण पर तेजी से काम कराया।
सीवरेज परियोजना के तहत शहर में भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर उन्हें एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जोड़कर शहर की सीवरेज और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 39 करोड़ की परियोजना मंजूर हुई है। परियोजना में तीन एसटीपी बनाए जाएंगे। पहले फेज में शहर में शिव नगर सहित अन्य क्षेत्रों में 16 किमी पाइप लाइनें बिछाई गई हैं। वहीं 2200 घरों को सीवरेज लाइन से जोड़ा गया है। मालूम हो कि शहर में आवास विकास कालोनी और यूएसडीए की पीडी नगर आवासीय योजना के अलावा शहर के किसी भी क्षेत्र में सीवर लाइनें नहीं है। परियोजना के पूरा होने से शहर वासियों को राहत मिलेगी।
शहर की सड़कों को साफ रखने के लिए नगर पालिका ने 54 करोड़ की लागत से ऑटो स्वीपिंग मशीन खरीदी है। यह मशीन पहली बार शहर में मंगाई गई है। इससे सड़कों ठीक से सफाई करने के साथ ही जरूरत होने पर पानी का छिड़काव और सैनिटाइजेशन भी किया जा सकेगा। मशीन में भारी क्षमता का वैक्यूम क्लीनर के जरिए धूल-मिट्टी भी साफ की जा सकेगी।
जिस समय नगर पालिका परिसर में मुख्यमंत्री वर्चुअल लोकार्पण कर रहे थे, तभी दोपहर करीब 12 बजे शहर के मोहल्ला कासिफ अली सरांय निवासी करीब बीस महिलाएं नगर पालिका पहुंचीं। मोहल्ले में जलभराव की समस्या को लेकर बार बार शिकायत के बाद भी निस्तारण न होने पर प्रदर्शन किया। एकाएक प्रदर्शन से पालिका अधिकारी सकते में आ गए। नगर पालिका प्रशासक अतुल कुमार व अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश हॉल से बाहर आए और महिलाओं कार्यालय कक्ष में लेकर गए और समस्या का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। हालांकि वापस जाते समय महिलाओं ने रमजान के महीने में हो रही समस्या लेकर जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के पास पहुंच गईं और मोहल्ले में जलभराव और गंदगी का वीडियो दिखाया। इसपर डीएम ने ईओ को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। ईओ ने सफाई निरीक्षक रश्मि पुष्कर को मौके पर जाकर समस्याओं का निस्तारण कराने को कहा। लेकिन देर शाम तक नगर पालिका की टीम मोहल्ले नहीं पहुंची।
चार नवंबर 2022 को जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे और सदर विधायक पंकज गुप्ता ने सरकार के निर्देश पर पालिका परिसर में फ्री वाई फाई सुविधा की शुरुआत की थी। बीएसएनएल के माध्यम से शुरू की गई सुविधा के जरिये सौ मीटर दायरे में अच्छी इंटरनेट स्पीड मिलनी थी। पालिका प्रशासन के दावों की पोल गुरुवार को खुलती दिखी जब मुख्यमंत्री द्वारा किया गया ऑनलाइन लोकार्पण अटक अटक कर चलने लगा। इस दौरान एक बार स्क्रीन में भी दिक्कत आई जिसके बाद लैपटॉप के जरिये जैसे तैसे स्क्रीन को जोड़कर कार्यक्रम की औपचारिकताएं पूरी की गईं।