फोटो - 10 सीसीटीवी फुटेज में भागती हुई नजर आती मीनाक्षी। फोटो - 11 पार्थिव शरीर को कंधा देते एसपी, एएसपी व अन्य। संवाद
फोटो - 12 मृतक थाना प्रभारी को गार्ड ऑफ ऑनर देते साथी पुलिस कर्मी। संवाद
फोटो - 13 अंतिम सलामी देते डीएम व एसपी, मौजूद अन्य पुलिस कर्मीं। संवाद
फोटो - 14 मृतक की मां को दिलासा देतीं सीओ अर्चना सिंह, वहीं बेसुध पड़ी पत्नी माया राय। संवाद
फोटो - 15 कोंच में आरोपी महिला सिपाही का सरकारी आवास में लगा एसी। संवाद
करीबी सूत्रों के मुताबिक महिला सिपाही बनाती थी दबाव, तनाव में रहने लगे थे थाना प्रभारी अरुण कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। दिवंगत इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में पत्नी की तहरीर रिपोर्ट दर्ज कर महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर घटना की तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। सूत्रों के मुताबिक मीनाक्षी और अरुण के बीच गहरी नजदीकियां थीं। घटना को लेकर पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक महिला सिपाही से बढ़तीं नजदीकियां भी मौत की वजह हो सकती है।
घटनाक्रम मार्च 2024 से शुरू होता है, जब 14 मार्च 2024 को महिला आरक्षी मीनाक्षी शर्मा की तैनाती कोंच कोतवाली में हुई थी। इसके कुछ माह बाद पांच जुलाई 2024 को अरुण कुमार राय को कोंच कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। दोनों करीब सात महीने तक एक ही थाने में साथ तैनात रहे। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की चर्चाएं तेज रहीं।
22 फरवरी 2025 को अरुण का स्थानांतरण उरई कोतवाली कर दिया गया, जबकि मीनाक्षी को 28 अप्रैल 2025 को यूपी-112 यूनिट- 1577 में भेजा गया। इसके बावजूद वह कोंच के सरकारी आवास में ही रहकर ड्यूटी करती रही। सूत्रों के अनुसार, अरुण के उरई जाने के बाद से मीनाक्षी का व्यवहार बदल गया था। किसी बात को लेकर वह लगातार अरुण पर दबाव बनाती थी। कई बार वह अरुण के सरकारी आवास पर विवाद और हंगामे की स्थिति पैदा कर चुकी थी।
इससे अरुण तनाव में रहने लगे थे। करीबी सूत्रों का कहना है कि लगातार तनाव, विवाद और दबाव की स्थिति ने इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मानसिक स्थिति को काफी प्रभावित किया, जिसकी परिणति बाद में उनकी मौत तक पहुंच गई। लोगों का कहना है कि कहीं उनकी महिला सिपाही से नजदीकियां ही तो उनकी मौत का कारण नहीं बनीं। पुलिस ने थाना प्रभारी के आवास को सील कर दिया है। एसपी ने पूरे मामले को लेकर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जो अपनी रिपोर्ट जल्द सौपेंगी।
माया बोलीं-पति बहुत मजबूत थे, आत्महत्या नहीं कर सकते
थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के मामले में रात से ही पुलिस उस पर पर्दा डालती रही। लेकिन जैसे ही मृतक की पत्नी माया अपने ममिया ससुर पूर्व एडीएम बलिया सिद्धार्थ नगर निवासी आरएस पांडेय के साथ पहुंची तो उन्होंने हत्या का आरोप लगाया। कहा कि उनके पति मानसिक रूप से बहुत मजबूत थे। वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकते। आधा घंटे पहले ही तो उनकी फोन पर बात हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जब जांच की तो एक महिला सिपाही की भूमिका सामने आई। इस पर पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पीछे के गेट से पहुंची थी मीनाक्षी, दरवाजे पर जूते से ठोकर भी मारी
कुठौंद थाने में थाना प्रभारी का आवास पीछे की ओर बना है। उसमें पीछे की ओर से भी एक रास्ता है। बताया गया कि महिला सिपाही पीछे के रास्ते से थाना प्रभारी के आवास पर पहुंची थी, वहां उसकी थाना प्रभारी से किसी बात को लेकर बहस हो गई। थाना प्रभारी ने अपना दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। तभी महिला ने जूते से दरवाजे पर ठोकर मारी और दरवाजा खुल गया। इसी दौरान प्रभारी की गोली लगने से मौत हो गई। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें महिला सिपाही बैग लेकर भागती हुई नजर आ रही है।
एसपी व अन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को दिया कंधा
कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय का शव रात को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद करीब एक बजे उनका पार्थिव शरीर पुलिस लाइन लाया गया। यहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने नम आंखों से उन्हें अंतिम सलामी दी। एसपी व अन्य अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इस दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए हैं।
फूट पड़ी ममता...मां प्रभावती बोलीं-मुझे भी बाबू के पास पहुंचा दो
परिवार में कोहराम, पत्नी बार-बार बेहोश, बुजुर्ग मां रो-रोकर बेसुध
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। अरुण कुमार राय की मौत की खबर ने परिवार को तोड़ कर रख दिया। घटना की सूचना मिलते ही शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक दूर-दूर से रिश्तेदार उरई पहुंचते रहे। मेडिकल कॉलेज से लेकर पुलिस लाइन तक हर तरफ मातम पसरा हुआ था।
जहां भी नजर जाती, लोग मायूसी ओढ़े हुए दिख रहे थे। पत्नी माया राय बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पति की याद में उसकी आंखें पथरा गईं थीं। परिजन और महिला पुलिसकर्मी उन्हें संभालने में जुटे रहे। वहीं बुजुर्ग मां प्रभावती का विलाप मौके पर मौजूद हर व्यक्ति का कलेजा चीर रहा था। वह बार-बार एक ही बात दोहरा रही थीं-मुझे भी बाबू के पास पहुंचा दो, अब मेरे जीने का कोई मतलब नहीं है। यह शब्द सुनकर मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। दिवंगत थाना प्रभारी अरुण राय दो भाई थे। अरविंद बड़े थे। वहीं एक बेटा अमृतांश है। वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वह भी गोरखपुर के लिए रवाना हो गया।
अरुण कुमार राय ने जिले में बनाई थी अलग पहचान
निरीक्षक अरुण कुमार राय अपने व्यवहार और कार्यकुशलता के लिए पुलिस महकमे में अलग पहचान रखते थे। मीडिया सेल प्रभारी के साथ-साथ कोंच और उरई सदर कोतवाल के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। कोंच में तैनाती के दौरान उनकी आमजनों के बीच अच्छी पकड़ रही। समस्याओं को सुनने और समाधान कराने के उनके तरीके ने उन्हें बेहद लोकप्रिय बनाया। उनका व्यवहार हमेशा सौम्य और सरल रहा। वह विवादों से दूर रहते थे और जनता के साथ सहज संवाद के लिए जाने जाते थे। यही कारण है कि जिन क्षेत्रों में वह रहे वहां आज भी लोग उन्हें आदर और स्नेह के साथ याद कर रहे हैं।
कहीं ब्लैक मेलिंग के दबाव में तो नहीं चली गई अरुण की जान
कोंच कोतवाली में तैनाती के दौरान महिला सिपाही से अरुण कुमार राय की नजदीकियां बढ़ गईं थी। साथी पुलिस कर्मियों के मुताबिक महिला सिपाही ने थाना प्रभारी के कुछ वीडियो और चैट अपने पास रख ली थी। इससे वह लगातार उन्हें परेशान कर रही थी। ड्यूटी से आवास पर आने के बाद उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वह खाना खाकर आए हैं और सोने जा रहे हैं लेकिन कुछ ही देर में उनकी मौत की खबर मिली। लोगों का कहना है कि कहीं ब्लैक मेलिंग में तो थाना प्रभारी की जान नहीं चली गई।
महिला सिपाही व थाना प्रभारी के बीच मोबाइल में हुई बातचीत का रिकार्ड मिलने की बात भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक घटना से कुछ समय पहले मोबाइल में महिला सिपाही की तरफ से कहा गया है कि उसे उसकी वर्दी दे दो। उसे घर जाना है। जिस पर थाना प्रभारी की तरफ से भी जवाब दिया गया है। पुलिस इस एंगल पर भी पड़ताल में जुटी है। घटनास्थल से एक पत्र भी मिलने की बात सामने आई है।
23 नवंबर से ड्यूटी पर नहीं पहुंच रही थी महिला सिपाही
महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा कोंच कोतवाली के यूपी-112 में तैनात थी। वह 23 नवंबर से ड्यूटी नहीं पहुंच रही थी। इस पर वाहन प्रभारी ने उसकी रिपोर्ट कार्यालय में दर्ज कराई थी। 12 दिन से वह कहां थी और क्या कर रही थी, पुलिस इस बिंदु पर भी गहनता से जांच कर रही है। लोगों का कहना है कि वह थाना प्रभारी के आवास में क्या करने आई थी, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
मीनाक्षी के ठाटबाट...तीन लाख का खरीदा था नेकलेस
महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा 2019 बैच की हैं। साधारण पुलिस पद पर होने के बावजूद रहन-सहन आम महिला सिपाहियों से बिल्कुल अलग था। मीनाक्षी की लाइफस्टाइल हाई-फाई बताई गई है। वह अन्य महिला सिपाहियों के साथ अधिक मेलजोल नहीं रखती थी और ज्यादातर समय अकेले रहना ही पसंद करती थी। सूत्रों का कहना है कि सरकारी आवास में मीनाक्षी ने सभी संसाधन जुटा रखे हैं। आवास पर एसी के साथ ही आईफोन का प्रयोग करती थी। सूत्रों का कहना है कि कुछ ही दिन पहले उसने तीन लाख का नेकलेस खरीदा था।
मीनाक्षी का मोबाइल खोल सकता है और कई राज
सनसनीखेज घटना में दिवंगत इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला आरक्षी मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। सूत्रों के अनुसार मीनाक्षी जिले में तैनाती से पहले भी विवादों में घिरी रही है। इसके अलावा जहां-जहां वह तैनात रही, उसका नाम चर्चाओं में बना रहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मीनाक्षी की कॉल डिटेल और चैटिंग कई राज उजागर कर सकती है।