उरई। नौकरी से निकाले जाने से नाराज सफाई कर्मचारी शुक्रवार को पालिकाध्यक्ष के घर के बाहर पहुंच गए।
उन्होंने नौकरी से हटाए जाने का विरोध किया और आवास के भीतर पहुंचकर पालिकाध्यक्ष के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। कहा कि नियमानुसार दो महीने बाद हटा देते तो कहीं काम मिल जाता, लेकिन अब जब पूरे साल काम की उम्मीद थी तो सात महीने बाद हटा दिया गया। अब न ही काम है और न ही कोई दूसरा जरिया। पालिकाध्यक्ष ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को 29 कर्मचारी पालिकाध्यक्ष के आवास पर पहुंचे। उनको नाला सफाई गैंग में शामिल किया गया था। दो महीने नाला सफाई चलती है, लेकिन इसके बावजूद भी उनसे सात महीने काम लिया गया।
जब उन्हें हटाया गया तो कर्मचारी परेशान हो गए। कर्मचारी मोनू, सतीश, कल्लू, राहुल, रिषभ, अजय, संजय, शिवम, अभिषेक व रंजन ने बताया कि आरोप है कि आश्वासन दिया गया था कि साल भर काम दिया जाएगा। यहां से हटाने के बाद अब कोई काम नहीं है। बिना बताए हटा दिया गया। उन्होंने पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी के सामने अपनी समस्या रखी।
ईओ विमलापति ने बताया कि पालिका के अधीन एक फर्म द्वारा उनको काम दिया गया था। कोई नियमित नहीं रखा गया था। काम होने के बाद नियमानुसार हटा दिया गया। गैंग में कर्मी हर साल भर्ती होते हैं।