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शहर की बेटी ने जीता मिसेज इंडिया का ग्रांड फिनाले

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ग्रांड फिनाले में ताज और ट्राफी के साथ शबाना। - फोटो : ORAI
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उरई। शहर की बेटी शबाना ने जयपुर में जनपद का नाम रोशन किया है। बघौरा निवासी डॉ. एएम उस्मानी और डॉ. रेहाना उस्मानी की बेटी शबाना शरीफ ने तीन दिन पूर्व जयपुर में एक कंपनी की ओर से आयोजित मिसेज इंडिया ग्लोब शो में ग्रांड फिनाले जीता।
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शबाना के पति शरीफ झांसी में रेल अधिकारी हैं। शहर के जीजीआईसी और डीवीसी डिग्री कालेज से पढ़ीं शबाना का कहना है कि मुस्लिम समाज की बेटियों को भी अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। अब वह जमाना नहीं रहा, जब मुस्लिम बेटियां अपनी प्रतिभा को पर्दे में छिपाकर रखे। आज हर बेटी और महिला चाहे वह किसी भी धर्म अथवा संप्रदाय की हो, यदि उसमें प्रतिभा है तो उसे आगे आना चाहिए, क्योकि जब महिलाओं का विकास होगा, तभी देश भी खुशहाल होगा।
शबाना ने बताया कि शादी से पहले भी उन्होंने कई बार फैशन शो में हिस्सा लेने का विचार किया था, यह बात और है कि मौका शादी के 16 साल बाद मिला। बस तैयारी शुरू कर दी और फिर मिसेज इंडिया की 20 प्रतिद्वंद्वियों में शामिल हो गईं। वहां फैशन से लेकर सवाल-जवाब तक की कठिन प्रतियोगिताओं को जीतते हुए ग्रांड फिनाले भी जीता और तब मिसेस इंडिया का ताज पहनने का मौका मिला। शबाना ने बताया कि पापा मम्मी की तरह पति की ओर से भी जीवन में कभी कोई बंदिश नहीं रही। यही वजह है कि आज इस दौर में भी अपने से कम उम्र की महिलाओं को शिकस्त देते हुए प्रतियोगिता में अव्वल रहीं।
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शबाना का कहना है कि वे मुस्लिम बेटियों के लिए कुछ करना चाहती हैं, ताकि उनके भीतर की प्रतिभाओं को भी बुंदेलखंड में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश भर में चमकाया जा सके। शबाना की मां और सेवानिवृत्त मेडिकल आफीसर पिता का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को कभी किसी मजहबी बंदिश में नहीं रखा, वे तो समाज के लो8गों से भी यही अपील करते हैं कि बच्चों को उनकी प्रतिभानुसार आगे बढ़ने दें। शहर की बेटी को मिले सम्मान के लिए संवेदना साहित्य समिति के डॉ. माया सिंह, यज्ञदत्त त्रिपाठी, जगरुप सिंह, शांती कनौजिया, विमला तिवारी, नईम जिया, ओपी गुप्ता और शफीकुर्रहमान कश्फी आदि ने बधाई दी।
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