उरई। शहर में घंटों लोग अपना समय जाम में बर्बाद कर रहे हैं।
गांव से आने वाले लोगों को एक से दो घंटे पहले ही शहर के लिए निकलना पड़ता है। तब जाकर उनके काम समय पर पूरे हो पाते हैं। एक दो नहीं हर चौराहे और प्रमुख स्थानों पर जाम की समस्या बनी रहती है। जबकि इन चौराहों और स्थानों के आसपास यातायात पुलिस की ड्यूटी रहती है। बैरियर की व्यवस्था भी होती है। अब तो ट्रैफिक सिंग्नल भी लग गए। इन सब नियमों के बाद भी नो इंट्री में बड़े वाहन प्रवेश कर जाते हैं। जिससे एक दो मिनट नहीं आधा घंटा तक जाम लग जाता है। इस समस्या से शहरी रोजाना तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग जब बाजार जाते हैं तब फंस जाते हैं। जाम की समस्या के कारण, समाधान और जाम के प्रमुख स्थान पर की गई पड़ताल को पढ़े ...
कालपी बस स्टैंड पर रोजाना 10 से 15 मिनट का जाम हर आधे घंटे में लगता है। इस रोड से कालपी, कानपुर जाते हैं। पास में ही जिला न्यायालय बना हुआ है और एक पेट्रोल पंप बना हुआ है। इस रास्ते पर पांच मिष्ठान की दुकान हैं। पांच से छह सरकारी विभाग के ऑफिस भी हैं। जिनके बाहर 10-15 मोटरसाइकिल खड़ी मिलीं। छह टेंपो वाले मिले, उसमें दो क्षमता से अधिक सवारी बैठाए हुए थे। जिला न्यायालय के सामने बाइक स्टैंड होने के बाद भी करीब 60 बाइक सड़क किनारे खड़ी थीं। आंबेडकर चौराहे से बिजली घर तक जाने में 13 मिनट लगे।
घंटाघर चौराहे पर मुख्य बाजार है। तालाब से शहीद भगत सिंह चौराहे तक 800 मीटर में सड़क किनारे 400 से अधिक दुकाने हैं। सब्जी बाजार भी है। इसके चलते आसपास ग्राहको के वाहन खड़े मिले। घंटाघर पर यातायात पुलिस का एक जवान दुकान पर बैठा था। जाम लगने पर एक जवान वाहनों को निकाल रहा था। कुछ देर बाद वह भी पान की दुकान के पास खड़ा हो गया। जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा। लालमन मिष्ठान की दुकान के पास जाम लगा था। सभी दुकानों के आसपास बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली। तालाब से लेकर शहीद भगत सिंह चौराहे के पास तक आने में 14 मिनट लगे।
स्टैंड के लिए जगह तलाशी जा रही है। कोशिश की जाएगी, जल्द जगह मिल जाए। बाजार में जल्द कुछ अच्छा करेंगे। जिससे व्यापारियों को नुकसान न हो। लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी। -गिरिजा चौधरी, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका
नियमों का पालन कराया जा रहा है। अवैध स्टैंड पर भी कार्रवाई हो रही है। कोई बेतरतीब गाड़ी खड़ी कर देता है तो जाम लग जाता है। उसको तुरंत खुलवा दिया जाता है। -संजय सिंह, यातायात प्रभारी