उरई/कदौरा। परिषदीय स्कूल की छत जर्जर होने से नौनिहालों की जान का खतरा बना हुआ है। बारिश में पानी छत से टपकता है। शिक्षकों का कहना है कि सभी कक्षाओं का यही हाल है।
बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत सुधार का दावा कर रहा हैं। और जमीनी हकीकत कुछ और हैं। कदौरा कस्बे के मोहल्ला बम्हौरी के प्राथमिक विद्यालय में 81 बच्चे पंजीकृत हैं। इस स्कूल के कमरों, शौचालय की दीवारें पर दरारें पड़ गईं हैं। एकल कक्ष पूरी तरह जर्जर हो गया हैं। परिसर के पीछे झाड़ी, बबूल के पेड़ खड़े हैं बच्चे व शिक्षक शौचालय जाने में घबराते है।
इंचार्ज प्रधानाचार्य आशीष कुमार ने बताया कि बारिश में सभी कमरों में पानी टपकने लगता हैं। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना बीईओ कदौरा सहित नगर पंचायत कार्यालय को कई बार दी जा चुकी हैं। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया हैं। बारिश का पानी विद्यालय में घुस जाता हैं।
बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। बच्चों को जर्जर छत के नीचे बैठने से रोका जाएगा।
जिले में है 1510 परिषदीय स्कूल
जिले में 959 प्राइमरी स्कूल, 322 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 229 कंपोजिट विद्यालय समेत कुल 1510 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। वर्ष 2019 में कायाकल्प योजना शुरू की गई थी। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को सुविधा संपन्न बनाया जाना है।