बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एट स्थित इलाहबाद यूनिवर्सिटी के
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष भूपेंद्र यादव के घर जाकर जिले में राजनीतिक हलचल
बढ़ा दी। मुख्यमंत्री व शिवपाल के इस दौरे के बाद जिले में कयास लगाए जा
रहे हैं कि भूपेंद्र को जिला या प्रदेश स्तर पर कोई न कोई बड़ा पद जरूर
मिलेगा। उधर, मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्रीय सपा नेताओं में बेचैनी
है।
गौरतलब है कि भूपेंद्र यादव अब तक जिले में गुमनाम थे। वे पिछले दो
वर्षों से वे मुख्यमंत्री के सीधे संपर्क में थे और उन्हें मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव की युवा टीम का सबसे अग्रिम पंक्ति का नेता भी माना जाता है।
इस संबंध में जानकारी होने पर भी अब तक जिले के वरिष्ठ सपाई उन्हें दरकिनार
करते रहे। बुधवार को जब मुख्यमंत्री ने भूपेंद्र यादव के घर जाने की बात
की और जनसभा व सोलर प्लांट के
उद्घाटन के पूर्व सीधे एट में अपने
हैलीकाप्टर को लैंड कराया तो राजनीतिक हलचलें बढ़ गईं। भूपेंद्र की मानें
तो एट को नगर पंचायत का दर्जा भी उन्हीं के कहने पर दिया। साथ ही उनसे
क्षेत्र में ट्यूबवेल और किसानों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों और
विकास कार्यों पर
भी चर्चा की है। अमर उजाला के सवाल कि उन्हें जिले में
कोई पद मिलेगा, वे टाल गए। हालांकि कहा कि मुख्यमंत्री से वे पिछले दो
सालों से संपर्क में हैं। उन्हें जो भी पद मिलेगा, उसे वे पूरे निष्ठा के
साथ वहन करेंगे।