उरई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने जालौन तहसील स्थित छिरिया सलेमपुर पीएचसी और नगर की सीएचसी को गोद लेने का निर्णय किया है। उन्होंने 24 मई को दोनों अस्पतालों का न सिर्फ निरीक्षण किया। बल्कि वहां की आवश्यकताएं समझी। अपनी निधि से दोनों को 15-15 लाख रुपये देने का भी आश्वासन प्रभारियों को दिया है। फिलहाल इस निधि से दोनों अस्पतालों का कायाकल्प किया जाएगा। ताकि वहां आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। विधायक ने बताया कि चिकित्सा प्रभारियों को स्टीमेट बनाने के लिए कहा गया है। जिसके मिलते ही दोनों ही अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने का काम भी शुरू करा दिया जाएगा। बता दें कि अभी हाल ही में प्रदेश के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने जन प्रतिनिधियों से कहा था कि कोराना संक्रमण को देखते हुए वे सभी भी कम से कम एक एक सीएचसी और पीएचसी को गोद लें।
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ये होंगे काम
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सलेमपुर पीएचसी- यहां पर अस्पताल के भीतर होने वाले जलभराव की समस्या दूर की जाएगी, नए टाइल्स लगाए जाएंगे, तीमारदारों के लिए टीन शेड और मेज कुर्सियों की कमी को दूर किया जाएगा।
जालौन सीएचसी- अस्पताल के मैदान का समतलीकरण, उखड़ी फर्श को नया बनवाने, टीन शेड के अलावा चिकित्सकों व तीमारदारों के लिए मेज कुर्सी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल का रंग रोगन भी कराया जाएगा।
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साढ़े चार साल में स्वास्थ्य सेवाओं पर किए प्रयास
सदर विधायक का दावा है कि उन्होंने जिला अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन, डिजिटल एक्स रे मशीन उपलब्ध कराई। इसके अलावा डायलिसिस की सुविधा की भी मांग सीएम से की थी, वह भी चालू हो गई है। कोरोना लहर के बीच मेडिकल कालेज में दो आक्सीजन प्लांट लगाने के लिए शासन से मांग की थी, जिसे स्वीकृत भी किया गया है। जल्द ही प्लांट चालू भी हो जाएंगे।
सर्जन और चाइल्ड स्पेश्लिस्ट की कमी
जिला अस्पताल में अभी भी सर्जन, फिजीशियन व चाइल्ड स्पेश्लिस्ट की कमी है। सर्जन तो एक भी नहीं है। चाइल्ड स्पेश्लिस्ट भी मात्र दो हैं, जबकि मेडिकल कालेज में मिलाकर कम से कम पांच होने ही चाहिए। सर्जन न होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। विधायक का कहना है कि इस समस्या को भी शासन तक पहुंचाया जाएगा।