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Jalaun News: गांव से शहर तक होगा सीसीटीवी का सुरक्षा कवच

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उरई। जनपद में कानून-व्यवस्था को तकनीक के सहारे और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में पुलिस एवं प्रशासन ने बड़ी पहल की है। इसके तहत जिले में गांव से लेकर शहर तक कुल 2100 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। योजना के अनुसार 2000 कैमरे ग्राम पंचायतों में और 100 कैमरे शहर में सेफ सिटी मिशन के अंतर्गत लगाए जाएंगे। सभी कैमरों को एकीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थापित होने वाले कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।
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अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम कैमरे लगाने के लिए स्थानों का चयन करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि शहर में सेफ सिटी मिशन के तहत आधुनिक तकनीक से लैस हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से 24 घंटे लाइव निगरानी होगी। कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मी कैमरों की फुटेज पर लगातार नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका या आपराधिक घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाना पुलिस को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी।
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जांच में निजी कैमरों की फुटेज भी बनेगी अहम
पुलिस प्रशासन ने शहर में पहले से लगे निजी सीसीटीवी कैमरों के संचालकों से भी सहयोग की अपील की है। आवश्यकता पड़ने पर दुकानों, प्रतिष्ठानों और मकानों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच के लिए ली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में निजी कैमरों की फुटेज अपराधियों की पहचान और घटनाक्रम स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सीमाओं पर भी रहेगी डिजिटल नजर
जिले की सीमाओं पर स्थित प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों को भी सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे जिले में आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी आसान होगी। पुलिस का मानना है कि इससे पड़ोसी राज्यों, विशेषकर मध्य प्रदेश की ओर से होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
चुनाव के दौरान भी मिलेगी बड़ी सहायता
आगामी पंचायत और विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संवेदनशील मतदान केंद्रों और प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी कैमरों के जरिए की जा सकेगी। किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में वीडियो फुटेज जांच और निष्पक्ष कार्रवाई में उपयोगी साबित होगी।
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