जालौन। चुनाव के दौरान अपने प्रत्याशी के बारे में जानकारी जुटाना हो या फिर वोट डालने के लिए मतदान केंद्रो की पहचान करनी हो। लोकसभा चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी सभी जानकारियों को मोबाइल एप के जरिये समेट दिया है। इस बार लोकसभा चुनावों में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत से लेकर वोटों की गिनती की जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल पर बटर दबाने भर की देरी रहेगी। साथ ही प्रत्याशियों के निर्वाचन कार्यालयों की दौड़ को भी एप के जरिये सहूलियत दी गयी है। एप के माध्यम से आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में 100 मिनट के अंदर शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने निर्वाचन के दौरान प्रमुख रूप से संचालित मोबाइल एप के बारे मे जानकारी दी।
केवाईसी ,नो योर कैन्डीडेट-इस एप के जरिये मतदाता लोकसभा सीट से लड़ रहे प्रत्याशियों के बारे में पूरी जानकारी जुटा सकेंगे। इस एप में उम्मीदवारों के ऊपर दर्ज अपराधिक मामलो के साथ उनकी सम्पत्तियों को ब्योरा भी उपलब्ध रहेगा। इससे मतदाताओं को अपने प्रत्याशी को समझने का मौका मिलेगा।
सी विजिल एप- इस एप के जरिये चुनाव मे गडबड़ी और आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी सीधे चुनाव आयोग से की जा रही है। सबसे खास बात यह है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी। सी विजिल एप पर शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रहेगी।
वोटर हेल्प लाइन -इस एप पर मतदाता की सुविधा की सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। मतदाता सूची में नाम देखना हो या फिर पोलिंग स्टेशन की जानकारी लेनी हो तो इस एप को डाउनलोड कर सकते हैं।
सुविधा कैंडीडेट-
इस एप के जरिये प्रत्याशियों को अब किसी भी चुनावी मंजूरी के लिए चुनाव अधिकारियों के कार्यालय जाने की मजबूरी नहीं रहेेगी। इस एप के जरिये वह आवेदन कर सकेंगे।
चुनाव प्रबंधन के लिए तीन एप -
1-इनकोर एप, चुनाव प्रबंधन की कोर टीम के सदस्य इस एप से जुडे रहेंगे।
2-ईएसएमएस एप, इस एप के जरिये चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन पर की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की जाएगी।
3- आब्जर्वर एप, इसके जरिये पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपेंगे।