(उरई) मुहम्मदाबाद। नहर ओवरफ्लो होने जाने से पटरी फट गई। इससे करीब 30 एकड़ गेहूं व कटी पड़ी दलहन की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को जानकारी हुई तो उनमें खलबली मच गई। जानकारी पर किसान खेतों की तरफ गए और पानी रोकने का प्रयास करने लगे। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह फसल को नहीं बचा पाए। किसानों ने अधिकारियों को सूचना दी। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। फसल में नुकसान होने से ग्रामीणों में जिम्मेदारों के प्रति खासा आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि शिकायत के बाद भी नहर को सही नहीं करवाया गया। इससे खामियाजा उन्हें भोगना पड़ रहा है। डकोर ब्लॉक के ऐर, टीकर मौजे से पुल नंबर 40 व 41 के पास मंगलवार की रात नहर ओवरफ्लो हो गई। इससे पटरी फट जाने से नहर का पानी तेजी से खेतों में भर गया। बहाव इतना तेज था कि दो घंटे में ही करीब 30 एकड़ गेहूं, मटर व मसूर की फसल पानी में डूब गई। किसानों को जब इसकी जानकारी हुई तो वह खेतों की तरफ पहुंचे, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने की वजह से वह पानी को नहीं रोक पाए। सुबह तक खेतों में पानी ही पानी दिखने लगा। नजारा ऐसा था कि नहर व खेत समान दिखाई दे रहे थे। किसानों ने रात में ही अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कोई नहीं पहुंचा।
किसान राजेंद्र, विजय, श्याम बाबू, राजेंद्र सिंह, आश्रय राजपूत, ग्रंथ राजपूत, भागीरथ यादव, कमलेश विश्वकर्मा, हरचरन राजपूत, विजय पाल राजपूत व सगीर खान की करीब 30 एकड़ फसल पानी भर जाने से बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि पुल नंबर 36 से लेकर 41 तक सिल्ट की सफाई न होने से पानी आगे नहीं जा पा रहा है। इससे नहर ओवरफ्लो हो रहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
वर्जन
किसानों ने नहर में पुल नंबर 41 के पास आगे जाकर बंधा लगा दिया था। इससे पानी ओवरफ्लो हो गया था। उसे सही करवाया जा रहा है।
- धर्मघोष अधिशाषी, अभियंता बेतवा नहर