गांव में कूलर में घास लगाते सज्जन हुसैन
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मुहम्मदाबाद (जालौन)। लॉकडाउन के दौरान घर परिवार के भरण पोषण के लिए लोग अपना धंधा भी बदल रहे हैं और इस दौरान छूट वाले सामानों को बेचने का काम कर रहे हैं। अपना मुख्य व्यवसाय बंद होने से परेशान लोग सब्जी, फल, दूध आदि का काम करने लगे हैं।
लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोगों का काम धंधा बंद हो गया है। पहले चरण का लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चला। इस दौरान किसी तरह घरों में रहकर समय काटते रहे, लेकिन जब दोबारा 14 अप्रैल से 3 मई तक का लॉकडाउन-2 शुरू हुआ तो लोगों के सामने भरण पोषण का संकट पैदा हो गया। ऐसे में गांधीनगर निवासी अखिलेश ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता था। लॉकडाउन के दौरान काम बंद हो गया तो मजबूरी में सब्जी बेचने का काम किया।
सुबह रिक्शे में सब्जी लेकर मोहल्ले-मोहल्ले में जाकर बेचता है, तब कहीं जाकर घर वालों का पेट भरता है। राजेंद्रनगर निवासी सुशील ने बताया कि वह रेडीमेड कपड़े बेचने का काम करता था। लेकिन अब वह फल सब्जी बेचने का काम कर रहा है ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके। मुहम्मदाबाद निवासी सज्जन का कहना है कि पहले स्टेशन रोड पर बाइक सुधारने का काम करते थे। लॉकडाउन के दौरान अब घर में बैठकर कूलर भरने और ठीक करने का काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण घर की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा रही थी पर कूलर में घास भरने से घर तो चल रहा है।
मोहम्मदाबाद गांव में रिक्शे से सब्जी बेचता अखिलेश- फोटो : ORAI