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कड़ाके की ठंड में शहर के अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था ठंडी

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कोंच बस अड्डे पर प्राइवेट बस अड्डे के पास सड़क पर पड़े कचडे में आग लगाकर अलाव सेंकते लोग। - फोटो : ORAI
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उरई। शीत लहर बढ़ने और तापमान गिरने के साथ प्रतिदिन गलन बढ़ती जा रही है। शनिवार को तापमान अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 5 डिग्री था। जबकि रविवार को भी अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 4.5 डिग्री रहा। ऐसे में सड़कों पर रात गुजारने वालों और मवेशियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर पालिका की ओर से पर्याप्त अलाव और रैन बसेरों का इंतजाम नहीं किया गया। जो रैन बसेरा आननफानन में चालू किए गए हैं उनमें ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण असहाय लोगों को सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ रही है। शनिवार की रात टीम ने शहर के अलाव और रैन बसेरों की हकीकत देखी तो पालिका की व्यवस्थाओं सच सामने आया।
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सीन-1-समय-रात 9.42 बजे-आंबेडकर चौराहे से लेकर कोंच बस अड्डे के बीच में कहीं भी पालिका का अलाव नजर नहीं आया। सिर्फ जेल रोड पर एक गेस्टहाउस के बाहर कुछ लोग अलाव तापते नजर आए। पूछने पर बोले, हम लोगों ने सड़क पर पड़े कागज, पन्नी एकत्र कर अलाव जलाया। पालिका की ओर से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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सीन-2-समय-रात 9.56 बजे। कोंच बस अड्डे पर भी कोई खास इंतजाम नहीं मिले। प्राइवेट बस अड्डे पर लोगों ने अपनी ओर से अलाव जलवाया था। जबकि रोडवेज बस अड्डे पर अलाव तो चल रहा था। जिसमें एक युवक अलाव सेंक रहा था। मजदूर वर्ग के लोग बस अड्डे के बरामदे में लेटे थे। यहां पर जो रैन बसेरा बनाया गया है वहां सिर्फ 24 लोगों के लेटने की व्यवस्था है। जबकि मजदूर वर्ग के लोग करीब चालीस थे। जिसकी वजह से सब बरामदे में लेटे थे और रैन बसेरा खाली पड़ा था।
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सीन-3-समय-रात-10.08 बजे, स्टेशन रोड। स्टेशन रोड पर लोग खुले आसमान के नीचे कुछ लोग लेटे हुए थे। रिक्शा चालक रामजस रिक्शा पर ही कंबल लेकर लेटा मिला। इसी तरह ठड़ेश्वरी मंदिर निवासी कुंवर प्रसाद, तुलसी नगर निवासी मुन्ना हाथ ठिलिया पर खुले आसमान के नीचे लेटे थे। बंबी रोड निवासी प्यारेलाल व इंदिरानगर निवासी विमला फुटपाथ पर प्लास्टिकी की पन्नी में लेटे थे। पूछने पर बताया कि रैनबसेरा में चोरी हो जाती है। यदि जाओ तो एक युवक रात में आकर गालीगलौज करता है। जिसकी वजह से रात भर नहीं सो पाते है।
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सीन-4-समय-10.17 बजे, स्थान रेलवे स्टेशन रैनबसेरा। स्टेशन के बाहर अलाव में करीब 10-12 लोग अलाव सेंक रहे थे। जबकि रैनबसेरा में कुछ बाहर से यात्री अपने परिवार के साथ बैठे मिले। वहां पर लोगों ने बताया कि एक युवक रात में आकर परेशान करता था। शराब के लिए पैसे मांगता था। न देने पर अभद्रता करता था। जिसकी वजह से सो नहीं पाते है। इसकी शिकायत भी कर चुके है। पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। केयरटेकर भी मौके पर नहीं मिला।
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फटे रजाई गद्दे से कैसे बचेगी सर्दी
रैनबसेरा की हालत ठीक नहीं मिली। रैनबसेरे में रजाई गद्दे तो थे पर हालत ऐसी थी कि उनसे ठंड नहीं बच सकती थी। गद्दे बहुत हल्के थे और फटे हुए थे। उनसे बदबू आ रही थी। बाहर टिन की चादर भी लगाई गई थी लेकिन जिस तरह से तंबू बनाया चाहिए था वह नहीं बनाया गया था। लोगों को अंदर भी सर्दी का एहसास हो रहा था।
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