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Jalaun News: लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा बुंदेलखंड, जिले के नौ गांवों को लगेंगे विकास के पंख

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उरई। झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 115 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। यह जालौन के नौ गांवों से होता हुआ औद्योगिक गलियारे से जुड़ेगा। इससे जिले की भौगोलिक स्थिति तो बदलेगी। साथ ही आर्थिक विकास भी होगा। फिलहाल भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस लिंक एक्सप्रेसवे को झांसी के डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है।इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार 124 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर रही है। इसमें से 115 हेक्टेयर से अधिक जमीन खरीदी जा चुकी है। इस प्रकार इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि औद्योगिक गलियारे से जोड़ने पर क्षेत्र वासियों के लिए औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
इस लिंक के जरिए जालौन की उरई तहसील के फूलपुरा, टिगरी, गोरन, जैसारी कला, किशोरा, कोटरा, हिलगना, नंधा समेत नौ गांव जुड़ेंगे। फिलहाल डकोर ब्लॉक क्षेत्र में सर्किल रेट 2400 रुपये प्रति वर्गमीटर है। अधिग्रहण के लिए किसानों को इसका चार गुना मुआवजा भी दिया जाएगा। इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। जमीन अधिग्रहण पर करीब 228 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कुछ राशि की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। लिंक एक्सप्रेसवे बनने से इन नौ गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी को फायदा मिलेगा। सर्वे का काम ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड को सौंपा गया है। इसने बंदोबस्ती नक्शे भी प्राप्त कर लिए हैं। एक महीने में सर्वे पूरा कर रूट की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। (संवाद)
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1300 करोड़ की लागत से बनेगा चार लेन लिंक, भविष्य में छह लेन की योजना



लिंक एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 1300 करोड़ रुपये है। शुरुआत में इसे चार लेन का बनाया जाएगा और भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तार देने की योजना है। झांसी, ललितपुर, ओरछा और मध्यप्रदेश के कई जिलों को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे दिल्ली, लखनऊ और आगरा जाना और भी आसान और तेज होगा। जहां इस योजना से लोगों को आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी, वहीं स्थानीय लोगों में यह चिंता भी है कि कहीं इस सड़क को टोल मार्ग न बना दिया जाए। यदि टोल टैक्स जोड़ा गया तो आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। इस पर शासन को स्पष्ट नीति बनानी होगी।




प्रक्रिया शुरू, जल्द मिलेगा लाभ

एडीएम संजय कुमार ने बताया कि योजना को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। बंदोबस्ती नक्शे मिल चुके हैं और अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। यह एक्सप्रेसवे पूरे बुंदेलखंड के लिए आर्थिक विकास का आधार बनेगा और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़कर इसे राष्ट्रीय महत्व की सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा।
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