फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: भूमिगत विद्युत लाइन में बजट का पेच, दो विभाग आमने-सामने

Mon, 19 Feb 2024 02:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। विभागों के आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। इस बार भी दो विभागों की लापरवाही से होने वाली परेशानी राहगीरों के लिए सिरदर्द बन सकती है। दरअसल लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर की मुख्य सड़क का निर्माण कराया जाना है। लेकिन, उससे पहले बिजली के खंभे हटने हैं और उसकी लाइन भूमिगत होनी है। बिजली विभाग ने जो बजट पेश किया, उतना पास नहीं हो सका है।
विज्ञापन

जो बजट पास हुआ है, उससे रोड के सभी खंभे हटा पाना भी मुश्किल बताया जा रहा है। लिहाजा इस मामले को लेकर दोनों विभागों के अधिकारी आमने सामने आ गए हैं। सड़क का निर्माण भी जल्द करना है। ऐसे में यदि सभी पोल नहीं हटे और लाइन भूमिगत नहीं हुई तो बिजली की समस्या के अलावा दुर्घटनाओं को लेकर भी खतरा बने रहने की आशंका है।
लोक निर्माण विभाग बड़े गांव से इकलासपुरा चौराहे तक 22 करोड़ से करीब नौ सड़कों का निर्माण कर रहा है। यह सड़क बड़ा गांव होते हुए झांसी चुंगी और फिर शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए इकलासपुरा चौराहे तक निर्माण कार्य पूरा होना है। यह काम शुरू भी हो गया है। कालपी रोड पर विद्युत सब स्टेशन से भगत सिंह चौराहे तक के बिजली के करीब 40 खंभे हटाए जाने हैं। यह सड़क सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर चौड़ी की जानी है। ऐसे में सड़क के किनारे लगे खंभे हटाए जाएंगे।
विज्ञापन

लेकिन, हटाने के बाद जगह की कमी की वजह से लाइनों को भूमिगत करने का सुझाव बिजली विभाग की ओर से दिया गया था। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इसके लिए बिजली विभाग से प्रस्ताव मांगा था। बिजली विभाग ने तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भेज दिया। बजट देख विभागीय अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। शासन को जब यह प्रस्ताव भेजा गया तो वहां से भी करीब 20 लाख रुपये से अधिक खंभों की शिफ्टिंग को लेकर स्वीकृत किए गए हैं।
ऐसे में बिजली विभाग के अधिकारी कम बजट को लेकर ठीकरा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर फोड़ रहे हैं। जबकि, पीडब्न्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि डेढ़ साल बाद प्रस्ताव भेजा, वह भी निर्माण बजट के नियमानुसार नहीं था। क्योंकि किसी भी निर्माण के दौरान शिफ्टिंग आदि के कार्य के लिए प्रतिशत का एक मानक तय होता है।



300 के करीब उपभोक्ताओं को मिलती है सप्लाई
बिजली विभाग के अनुसार, सब स्टेशन से शहीद भगत सिंह चौराहा और वहां से स्टेशन रोड पर हाईटेंशन लाइन बिजली के खंभों से होकर निकली है। यह रोड काफी व्यस्त रहती है। कई बार लाइन टूटने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसलिए निर्माण कार्य के दौरान लाइन भूमिगत किए जाने को लेकर योजना बनाई थी। इसका खर्च निर्माणकारी विभाग करेगी। 40 खंभों से होकर गुजरने वाली इस लाइन से करीब 300 घरों को सप्लाई होती है।
वर्जन
40 खंभे हटेंगे, 11 केवी की दो केबल भूमिगत होंगी। ऐसे में प्रस्ताव तीन करोड़ के करीब बना था। यह लाइनें दोनों साइडों पर भूमिगत किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव बनाने में कोई लापरवाही नहीं हुई है। फिर भी दोबारा प्रस्ताव बना रहे हैं। खंभे आगे नहीं बढ़ सकते और डिवाइडर के पास भूमिगत करना खतरनाक हो सकता है। -गौरव कुमार, जेई, बिजली विभाग

सड़क निर्माण कार्य को लेकर दो साल पहले ही प्रस्ताव बन गया था। जुलाई 2022 में बिजली विभाग को केबल हटाने के लिए प्रस्ताव दे देना चाहिए था। लेकिन, उसने पिछले साल के अंत में प्रस्ताव दिया। तीन करोड़ का खर्च सिर्फ लाइन शिफ्टिंग में कर पाना मुश्किल है। शासन से करीब 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, उसी के अनुसार काम किया जाएगा। बजट के अनुसार जितने खंभे हट सकते हैं, हटाए जाएंगे। -नंद किशोर, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें