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मेडिकल स्टोरों में नहीं हैं बीपी और शुगर की दवाइयां

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जिला अस्पताल गेट पर संचालित दवा स्टोर - फोटो : ORAI
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उरई। लॉकडाउन के दौरान मेडिकल स्टोर से शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट जैसी दवाइयां गायब हो गई हैं। मेडिकल स्टोरों में तीन-चार माह का स्टाक था, वह भी लाकडाउन के दौरान समाप्त हो गया है। ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालकों को चिंता सता रही कि यदि लॉकडाउन बढ़ा तो उन्हें कहीं दुकान ही न बंद करनी पड़ जाए।
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वैसे तो शहर में 130 से ज्यादा मेडिकल स्टोर संचालित है। लॉकडाउन के दौरान मेडिकल स्टोर के संचालन की अनुमति मिली है, पर अधिकांश मेडिकल स्टोर में दवाइयों की कमी हो गई है। दुकानों से स्टाक कम होने लगा है। बीपी, शुगर, हार्ट जैसी दवाओं की कमी होने लगी है। दुकानदारों के पास जो तीन से चार माह का स्टाक था, वह लाकडाउन के दौरान समाप्त होने लगा है। दुकानदार बताते हैं कि पहले जिला वितरक के साथ कानपुर आदि जगहों से ट्रकों में माल आता था। इस समय लोडर से माल आ रहा, वह भी पूरा नहीं आ पा रहा है। औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष शशिकांत निगौतिया का कहना है कि माल की धीरे-धीरे आवक हो रही है। इक्का दुक्का दुकानों को छोड़ दिया जाए तो दुकानों में माल है। जहां कमी है, वहां भी जल्द माल आने की उम्मीद है।
बीमार और तीमारदार भी कर रहे हैं स्टाक
दुकानदार ने बताया कि पहले कुछ लोग बीपी, शुगर का एक पत्ता (दस टेबलेट) उनके पास लेने आते थे। अब स्थिति यह है कि लाकडाउन के चलते पचास-पचास टेबलेट एक साथ ले जाकर घरों में रख रहे है। लोगों को चिंता है कि यदि लॉकडाउन बढ़ा तो उन्हें दवाएं कहां से मिलेंगी। सुशील नगर निवासी एक शख्स तो शुगर की दवाओं का एक पूरा गत्ता कल (शुक्रवार) ही ले गए हैं।
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मेडिकल स्टोर तो खुले, पर थोक दुकानें बंद
शासन के निर्देश पर मेडिकल स्टोर तो संचालित कर दिए गए, पर थोक की दुकानों के लिए कोई निर्णय नहीं आया है। ऐसे में थोक विक्रेता दोपहर 12 बजे तक दुकानें खोलते हैं, फिर बंद कर देते है। उसके बाद थोक सप्लाई बंद हो जाती है। इससे भी दवाओं की कमी हो रही। एक ही समय पर थोक और फुटकर की दुकानें खुलने से मेडिकल स्टोर संचालक लॉकडाउन में माल की खरीद भी नहीं कर पा रहे हैं।
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