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बैंक नहीं दे रहे ढाई लाख

Tue, 22 Nov 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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बेटी की शादी के लिए छपता कार्ड दिखाते। - फोटो : अमर उजाला
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मुहम्मदाबाद (जालौन)। नोटबंदी को लेकर लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रहीं है। बैंकों में दो हजार व इनके एटीएम में ढाई हजार से अधिक रुपये ना मिलने से लोग खासे परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत शादी वाले घरों में हो रही है। डकोर क्षेत्र केे गांव मुहम्मदाबाद में कुंअर लाल की बेटी ममता देवी की शादी 9 दिसंबर को है लेकिन बैंकों से पर्याप्त पैसा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में वह बिटिया की शादी धूमधाम से करने के लिए संजोये गए सपने अधूरे नजर आ रहे हैं।
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कुछ ऐसा ही हाल जितेंद्र का भी है। इन्होंने बेटे जितेंद्र की शादी 25 नवंबर को टाउन हाल में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन से तय की थी लेकिन नोटबंदी से हाल फिलहाल सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है जबकि  शादी केे कार्ड भी रिश्तेदारी व परिचितों में बंट चुके हैं। लोग इस बात से खासे नाराज हैं कि आरबीआई के शादी वाले घराें को ढाई लाख रुपये देने की छूट के बावजूद बैंक अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।

नोटबंदी से आधी अधूरी तैयारियां
डकोर थाना क्षेत्र के गांव मुहम्मदाबाद निवासी कुंअर लाल की बेटी ममता की शादी 9 दिसंबर को अरविंद पुत्र रघुवर लाल निवासी पहाड़गढ़ी निवासी राठ के साथ होनी है। नोटबंदी से तैयारी नहीं हो रही है। कामता के अनुसार शादी सिर पर आ गई है लेकिन अभी तक आधी अधूरी तैयारियां ही हुईं हैं। बैंकों से सिर्फ ढाई हजार रुपये मिल रहे हैं। ऐसे में कैसे बिटिया की शादी कर पाएंगे। यह संभव नजर नहीं आ रहा है।
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नोटबंदी से सम्मेलन हो गया स्थगित
मुहम्मदाबाद निवासी संतोष के पुत्र जितेंद्र की भी 25 नवंबर को टाउन हाल में शादी थी। विवाह शहर के स्टेशन रोड टाउन हाल में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह से होना था लेकिन नोटबंदी से सामूहिक विवाह समिति की ओर से विवाह कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। संतोष की मानें तो बेटे की शादी को लेकर खुशियों का माहौल है। रिश्तेदारों, नातेदारों व परिचितों को कार्ड बांटने का सिलसिला जारी था लेकिन उन्हें सूचना मिली कि नोटबंदी के चलते विवाह समारोह स्थगित किया जाता है।
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