उरई। केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के आवाहन पर कई जगह प्रदर्शन हुआ। इनमें बैंक, एलआईसी, रेलवे आदि के कर्मचारी शामिल रहे। एसबीआई और ग्रामीण बैंकों को छोड़कर बैंकों में तालाबंदी रही। इससे करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ।
एलआईसी की शाखा जालौन के सभी क्लास 3 एवं 4 के सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय हड़ताल पर रहे ब्रांच में बाहर से ताला डालकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राममोहन निरंजन ने कहा कि एलआईसी में क्लास 3/4 की भर्ती नहीं की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाली, प्रीमियम पर जीएसटी वापसी,100 प्रतिशत एफडीआई की वापसी एवं ठेकेदारी प्रथा पर कार्य जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन किया गया। कहा कि यदि सरकार अपने जन विरोधी कार्यों पर अंकुश नहीं लगाती है तो भविष्य में सरकार के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किए जाएंगे। इस हड़ताल में शाखा सचिव अफसार अहमद, सुशील कुशवाहा, पवन प्रताप, मुकेश, किशन गुप्ता आदि रहे। एमआर एसोसिएशन के प्रांतीय सचिव प्रताप यादव की अगुवाई में दवा प्रतिनिधियों ने चारों श्रम कानूनों को रद् करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रोहित तिवारी, सुनील द्विवेदी, रतनदीप मिश्र, एसएस कटियार, पंकज गुप्ता, पारस गुप्ता, नवीन, कमलेश, अरविंद, जितेंद्र, सुनील, वीरेंद्र, रवि वर्मा आदि रहे।
ऑल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वन पर केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों के समर्थन में बैंक कर्मियों ने भी प्रदर्शन किया। इंडियन बैंक के बाहर बैंक कर्मियों ने नारेबाजी की। बैंकों का निजीकरण बंद करने, पर्याप्त भर्ती करने, ट्रेड यूनियन का अधिकार हनन न करने की मांग की। सुरेश चंद्र, शैलेश, नाथूराम, विनोद, कौशल किशोर, अमित घोष, राकेश, चंद्रप्रकाश आदि बैंक कर्मी रहे। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व श्रमिक महासंघों द्वारा केंद्र सरकार की मजदूर व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का भाकपा माले ने समर्थन किया। भाकपा माले के नेता रामसिंह चौधरी, राजीव कुशवाहा, हरिशंकर, सुरेश जाटव, विनोद सिंह आदि ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। आशा वर्कर्स यूनियन की पूर्व जिलाध्यक्ष उमा शर्मा ने ट्रेड यूनियन के आंदोलन को समर्थन दिया।