जालौन(उरई)ः पीसीएस में चयनित विपिन।
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उरई। पीसीएस 2018 की परीक्षा में चौथा स्थान पाने वाले एट के अमीटा गांव निवासी विपिन शिवहरे ने कहा कि आयोग में चयनित होकर अहसास हुआ कि ईमानदारी कभी खत्म नहीं हो सकती। इस परिणाम के माध्यम से आयोग ने ही ईमानदारी का पाठ सिखाया है। अब आगे भी अपनी सेवाओं में ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने का प्रयास रहेगा। इस समय विपिन वर्तमान में भोपाल के एजी ऑफिस में बतौर आडिट आफिसर के पद पर कार्यरत हैं।
विपिन ने बताया कि उन्होंने नौकरी की शुरुआत 2010 में पन्ना स्थित एसबीआई की शाखा में बतौर क्लर्क से की थी। भरोसा था कि एक दिन पीसीएस में चयन जरूर होगा। विपिन ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के शिशु मंदिर में हुई थी। इसके बाद एट कस्बे के भगवती प्रसाद इंटर कालेज से आठवीं तक, फिर कोंच कस्बे के एसआरपी इंटर कालेज से हाईस्कूल और उरई के सरस्वती इंटर कालेज से इंटर की परीक्षा पास की। इसके बाद बुंदेलखंड विवि से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। एयरफोर्स में भी चयन हुआ था। मेडिकल में अनफिट हो गए थे। बैंक की नौकरी के बाद रेलवे में भी कुछ समय तक काम किया। कहीं पूरा मन नहीं लग सका। पीसीएस की तैयारी करते हुए 2013 से भोपाल के एजी दफ्तर में कार्य करना शुरू कर दिया। यहां सीनियर आनंद श्रीवास्तव ने भी पीसीएस की तैयारी के लिए प्रेरित किया।
वर्तमान में आईएएस और पीसीएस में व्याप्त भ्रष्टाचार के सवाल पर विपिन का जवाब था कि अभी वे इस पर कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। इतना जरूर कहेंगे कि उनका आयोग से चयन हुआ तो उन्हें नहीं लगता कि ईमानदारी समाप्त हो रही है। वह अपने जीवन में जिस क्षेत्र में कार्य करेंगे, पूरी मेहनत और ईमानदारी से करेंगे।