फोटो - 24 मीनाक्षी शर्मा की फाइल फोटो।
उरई। कुठौंद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की मौत के मामले में आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की जमानत याचिका मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे की अदालत ने खारिज कर दी। महिला सिपाही पर हत्या का आरोप है और वह सात दिसंबर से जेल में बंद है।
कुठौंद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की पांच दिसंबर की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनकी सर्विस पिस्टल से गोली लगने से मृत्यु हुई थी और पिस्टल उनके सीने पर रखी मिली थी। घटना के बाद थानाध्यक्ष के आवास से कोंच कोतवाली में तैनात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा चिल्लाते हुए बाहर निकली और मौके से भाग गई थी। उसके भागने की पूरी घटना आवास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचीं थानाध्यक्ष की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसी रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर मीनाक्षी शर्मा को रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया था। बताया गया कि वह मेरठ भागने की फिराक में थी। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
चार्जशीट दाखिल न होने के कारण अब तक उसकी चार बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हो चुकी है। न्यायालय ने अब अगली सुनवाई के लिए पांच फरवरी की तारीख निर्धारित की है। परिजनों ने उसकी जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।