संगोष्ठी को संबोधित करतीं सीमा परिहार।
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नशा खोरी से परिवार तबाह हो रहे हैं। जो महिलाएं इसका विरोध करती है उन्हें यातनाएं सहनी पड़ती हैैं। ऐसे में सरकार बिहार की तर्ज पर शराब बंदी करे। यह बात पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा परिहार ने स्थानीय खुशी पैलेस सभागार में ग्रीन महिला संगठन द्वारा आयोजित प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्हाेंने कहा कि जो महिला शराब बंदी के प्रति मुखर होकर आगे आएगी, वे उसको पूरा समर्थन व सुरक्षा देंगी। कहा कि नशेबाजी के कारण महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं। उरई से जो शराब बंदी की आवाज उठी है, वह उसे प्रदेश स्तर पर ले जाएंगी और प्रदेश भर में आंदोलन चलाकर सरकार को बिहार की तर्ज पर शराब बंदी के लिए मजबूर करेंगी। इससे
पूर्व संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शकुंतला पटेल ने सीमा का बुके देकर स्वागत किया। उन्हाेंने कहा कि शराब के अलावा भी हुक्का बार व स्मैक आदि के नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही है। ऐसे में मादक द्रव्य के तस्कराें के खिलाफ कड़ा कानून बनना चाहिए। इस दौरान महिलाआें ने नशाखोरी के विरोध की सफत ली। समारोह का संचालन रामभरन राजपूत ने कि या।
बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ अभियान चलाएंगी
जिस तरह मुझपर जुल्म व अत्याचार हुए, ऐसे अत्याचार और किसी बहन बेटी पर न हो, इसके लिए प्रदेश भर में जाकर बेटियाें को स्वावलंबी बनाने के लिए मैं अभियान चलाऊंगी। यह बात पूर्व दस्यु सुंदरी व बिगबास सीरियल में हिस्सा ले चुकी सीमा परिहार ने अमर उजाला से विशेष भेंट में कही। कहा कि देश की 70 फीसदी आबादी जो गांवों में रहती है वह
बेटियाें के साथ दोहरा व्यवहार करती है। बेटियाें की आजादी पर रोक लगाई जाती है। उन्हें बेहतर शिक्षा के मौका मिलने चाहिए। इसके लिए वह प्रदेश भर में अभियान चलाकर बेटियाें को उनका हक दिलाकर रहेगी। राजनीति के सवाल पर सीमा ने कहा कि वह समाजसेवा करेंगी।