उरई। कोरोना काल में आयुर्वेदिक पद्धति के उपचार ने कई लोगों की जान बचाई है। अब इस पद्धति को सरकार भी बढ़ावा दे रही है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में हर्बल गार्डन (औषधि वाटिका) विकसित करने के निर्देश दिए गए है। पहले चरण में उन अस्पतालों का चयन किया गया है, जहां पर चाहर दीवारी है ताकि औषधि पौधों की रक्षा की जा सके।
जिले में इस समय 41 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और दो यूनानी चिकित्सालय संचालित हो रहे हैं। शासन के निर्देश पर आयुर्वेदिक अस्पतालों में औषधि वाटिकाएं लगाई जा रही हैं। जिन अस्पतालों में भूमि की कमी है, वहां कुछ पौधे गमलों में लगाए जाएंगे। गार्डन तैयार हो जाने के बाद आने वाले मरीजों कौ औषधीय पौधों के गुण, विशेषता और बीमारी में प्रयोग किए जाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें भी इन पौधों को लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अस्पताल के खाली स्थानों पर इन पौधों को लगाकर तारों से घेरा जाएगा। यह औषधियां शोध में भी काम आएगी।
पहले चरण में आठ अस्पतालों में औषधि वाटिका लगाने की तैयारी
पहले चरण में नरी, चांदनी, हरदोई गूजर, धंतौली, जालौन नगर, कुसमिलिया, छौंक, गधेला, बाबली समेत आठ राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में हर्बल गार्डन लगाए जाएंगे। इन अस्पताल में चाहर दीवारी और तार फेसिंग की व्यवस्था है। दूसरे चरण में अन्य अस्पतालों में हर्बल गार्डन बनाए जाएंगे। धीरे-धीरे सभी अस्पतालों में हर्बल-गार्डन बनाने की योजना है।
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22 तरह के लगेंगे औषधीय पौधे
ग्वारपाठा, तुलसी, हड़जोड़, अजूबा (पाषाणभेद), करीपत्ता, भ्रंगराज, अश्वगंधा, सताबरी, अर्जुन, बेल, कांचनार, सहजन, गुड़हल, अमलताश, एला, दालचीनी, तेजपत्ता, कालीमिर्च, अपामार्ग, सेहुड, शरीफा, सदाबहार आदि 22 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।
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दो अस्पतालों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सुविधा
जिले में राजकीय आयुर्वेदिक विभाग की ओर से शहर के उदिशा पार्क में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के तहत योगा सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसी तरह जालौन नगर में भी योगा सेंटर संचालित हो रहा है। यहां कई लोग आकर योगा अभ्यास कर रहे हैं।
वर्जन
फोटो-10-डॉ. सत्येंद्र पटेल। संवाद
शासन के निर्देश पर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में औषधीय पौधे लगाकर औषधि वाटिका विकसित की जा रही है। पहले चरण में आठ अस्पतालों में औषधि वाटिका लगाई जा रही है। इसे लगाने के लिए करीब बीस हजार रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। - डॉ. सत्येंद्र पटेल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जालौन
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यह औषधि पौधों से होगा लाभ
औषधि गुणधर्म उपयोग
ग्वारपाठा त्वचा रोग एंटीऑक्सीडेंट
तुलसी प्रतिरोधी क्षमता खांसी, श्वांस
हड़जोड़ अस्थि रोग वातनाशक
अजूबा गुर्दे की पथरी रक्तचाप, यकृत रोग
करी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट मेदोरोग
भ्रंगराज यकृत बाल रोग में
अश्वगंधा मानसिक रोग वातनाशक
अर्जुन ह्दय रोग उच्च रक्तचाप