उरई। जांच में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप सही पाए जाने पर डकोर की अटरिया ग्राम पंचायत के प्रधान दीपू खटीक को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत जगम्मनपुर के प्रधान के खिलाफ पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों पर वित्तीय अधिकार सीज करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डीएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई हैं। ग्राम पंचायत अटरिया के प्रधान दीपू खटीक के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले की जांच पंचायती राज विभाग द्वारा की जा रही थी। जांच में पाया गया है कि प्रधान ने गबन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। इसके अलावा जांच में गंभीर अनियमितताएं और पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों का लगातार उल्लंघन प्रमाणित पाया गया। आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रधान पद से बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं, ग्राम पंचायत जगम्मनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक कुष्ठ रोगी लाभार्थी से आवास स्वीकृति और किस्त जारी कराने के नाम पर 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला वायरल ऑडियो और वीडियो के जरिए सामने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल संज्ञान लिया।
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजना में लाभार्थियों से अवैध धन उगाही न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि प्रधान पद की गरिमा और जिम्मेदारियों का खुला उल्लंघन भी है। संबंधित प्रधान से 20 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित तथ्यात्मक स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद ने बताया कि अटरिया प्रधान पर गंभीर आरोप थे, जांच में आरोप सही पाए जाने पर उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, जगम्मनपुर प्रधान को रिश्वत मांगने के आरोप पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।