उरई। शुक्रवार का दिन सीएमओ कार्यालय में हंगामेदार रहा। आशा कार्यकर्ताओं व वाहन संचालकों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। सीएमओ बाहर नहीं आए तो डीसीपीएम को ज्ञापन दिया।
आशा कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष राजकुमारी सिंह के नेतृत्व में करीब 100 आशा नारेबाजी करते हुए सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने सीएमओ से बाहर आने की मांग की। सीएमओ कार्यालय से बाहर नहीं निकले। डीसीपीएम डॉ. धर्मेंद्र ने मौके पर पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं को समझाबुझाकर शांत कराया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशाओं पर काम का बोझ डाला जा रहा है लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी का जा रही है। आशाओं के लंबित सभी भुगतान तत्काल कराए जाएं। नियमित मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा व संगिनी को जो मोबाइल दिए गए थे वह खराब हो चुके हैं। उनकी जगह 5 जी मोबाइल दिए जाएं। मध्य प्रदेश, केरल की तरह आशा व संगिनी का मानदेय बढ़ाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि 10 नवंबर तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो सभी कार्यों का बहिष्कार कर सीएचसी, पीएचसी पर हड़ताल करेंगे। इस दौरान रमा, पुष्पा, कल्पना, रामजानकी, सुषमा, अनीता, संगीता, आसमा, गीता, मीना, शबनम आदि रही।
दस माह से नहीं मिला भुगतान, वाहन संचालकों ने भी किया प्रदर्शन
उरई। सीएमओ कार्यालय में अनुबंधित गाड़ियों का भुगतान न होने पर वाहन संचालकों का भी धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने भी सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और गाड़ियों का भुगतान दिलाने की मांग की। सीएमओ कार्यालय में अनुबंध पर एक दर्जन गाड़ियां लगी है। इन गाड़ियों का उपयोग विभागीय अधिकारी करते हैं। विगत दस माह से इन गाड़ियों का भुगतान नहीं हुआ है। दीपावली जैसे पर्व पर भी भुगतान नहीं हुआ है। पिछले दिनों भी भुगतान कराने की मांग की थी, तब आश्वासन दिया गया था कि जल्द भुगतान हो जाएगा। अब अक्तूबर माह भी समाप्त हो गया है, अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। इससे कई तरह की समस्याएं आ रही है। इस दौरान हीरासिंह, गोविंद, भीमराव, ब्रह्मप्रकाश, रिंकू, नवाब सिंह, देवेंद्र, नवनीत, शीलू पाठक, प्रदीप, विवेक, जितेंद्र आदि ने अनुबंध पर लगी गाडियों का बकाया भुगतान दिलाने की मांग की।