एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने प्रदेश के सात विधानसभा क्षेत्रों के टिकट काटकर नए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। इनमें जालौन की माधौगढ़ और कालपी सीटें शामिल हैं। माधौगढ़ से लाखन सिंह कुशवाहा का टिकट काटकर एमएलसी रमा निरंजन के पति आरपी निरंजन को टिकट दिया
गया है। कालपी से विष्णुपाल सिंह की जगह अनूप कुमार सिंह को टिकट दिया गया है। कोंच प्रतिनिधि के अनुसार माधौगढ़ से आरपी सिंह को टिकट मिलने से समर्थक में खुशी की लहर है। इस सीट पर अब तक लाखन सिंह कुशवाहा सपा प्रत्याशी के तौर पर प्रचार कर रहे थे। उनकी टिकट कटने और आरपी निरंजन के नाम की घोषणा होने पर लोगों को विश्वास
नहीं हुआ और जिले के वरिष्ठ नेता एक दूसरे से फोन पर इसकी पुष्टि करते देखे गए। कोंच गल्ला मंडी में जैसे ही यह खबर आई देवेंद्र निरंजन, लाले निरंजन, अनिलकुमार नक्टेला, श्रवणकुमार, राघवेन्द्र चमरसेना, मनीष छानी, स्वदेश पड़री, अनुरुद्घ, आत्मप्रकाश, हरीश अग्रवाल, लला यादव, राहुल छानी, राजीव छानी, दीपू आदि ने मिठाइयां बांटी।
कालपी प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व घोषित उम्मीदवार चौ. विष्णुपाल सिंह उर्फ नन्हू राजा का टिकट काट दिए जाने से कालपी में हलचल मची रही। उनकी जगह नए उम्मीदवार अनूप कुमार सिंह को लेकर सपाइयों सहित विभिन्न दलों में तमाम चर्चाएं रहीं। दिलचस्प बात ये रही कि सपा के ही जिम्मेदार नए प्रत्याशी अनूप कुमार सिंह के बारे में नहीं बता
सके। बता दें कि अनूप कानपुर के पूर्व विधायक अजीत सिंह के बेटे और सपा के महासचिव हैं। इसके अलावा राजा भैया और शिवपाल यादव के नजदीकी माने जाते हैं। सपा के बड़े नेता अनूप कुमार सिंह के बारे में जानकारी करने के लिए यहां वहां फोन करते दिखाई दिए।
अब उरई सीट पर सबकी नजर
दो प्रत्याशियों के बदले जाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में उरई सीट को लेकर चर्चाएं गरम हैं। बताते हैं कि उरई में राजाभैया के हस्तक्षेप के बाद टिकट दिया गया है। सदर विधायक दयाशंकर और राजा भैया के संबंध जगजाहिर हैं। ऐसे में इस सीट पर बदलाव के आसार कम हैं। लेकिन राजनीतिक जानकारों की माने तो इस सीट पर भी सिटिंग एमएलए का टिकट काटने और जिले के ही किसी कद्दावर नेता को टिकट देने के लिए लखनऊ मेें लाबिंग शुरू हो चुकी है।
टिकट बदलने से अन्य दलों में बेचैनी
माधौगढ़ में और कालपी मेें टिकट बदले जाने के बाद भाजपा और बसपा समेत अन्य दलों की बेचैनी बढ़ गई है। गौरतलब है कि माधौगढ़ सीट पर आरपी निरंजन एक जाना पहचाना व क्षेत्रीय चेहरा हैं । ऐसे में पार्टी को फायदा मिलेगा। यहां से बसपा विधायक संतराम कुशवाहा भी एक अच्छे दावेदार हैं और क्षेत्र में कुशवाहा वोट करीब 70 हजार है। ऐसे में
कुछ लोग सपा आलाकमान के इस फैसले को सपा के हित में नहीं भी बता रहे हैं। उधर, कालपी में अनूप कुमार सिंह के क्षत्रिय होने और यहीं करीब 80 हजार क्षत्रिय वोटर होने ये
बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनूप की ओर से उनके स्टार प्रचारक राजा भैया की दस सभाएं लगने की भी बात कही जा रही है। राजा भैया खुद में पूर्वांचल में क्षत्रियों का एक बड़ा चेहरा हैं। ऐसे में पार्टी मेें अनूप की स्थिति मजबूत हो सकती है।
कौन हैं अनूप सिंह
अनूप कुमार सिंह का कालपी क्षेत्र से पुराना नाता है। वह सीमावर्ती कानपुर देहात के मलासा विकास खंड के ब्लाख प्रमुख हैं और सपा कानपुर देहात के जिला महासचिव। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि उनके पिता अजीत कुमार सिंह सरवन खेड़ा कानपुर देहात से गातार 10 वर्षों तक (1980-90 तक) विधायक रहे। कहा कि अगर अवसर मिला तो कालपी क्षेत्र का चौमुखी विकास कराऊंगा। उन्होंने कहा कि वे समीपवर्ती ग्राम गिरसी गुलौली गांव के मूल निवासी हैं।