महंगे शौक पूरे करने के लिए चार युवक शातिर वाहन चोर बन गए। वे यूपी एमपी से वाहन चोरी कर बेचते थे। कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम ने चार चोराें को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की 34 बाइक बरामद की हैं। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार
वार्ता में एसपी ने बताया कि जिले में बाइक चोरी की वारदातें बढने पर उन्हाेंने स्वाट टीम प्रभारी अरुण कुमार तिवारी व शहर कोतवाल जेपी यादव को लगाया था। टीम मिशन पर थी तभी सूचना मिली कि बाइक चोर चोरी की बाइक बेंचने की फिराक में खडे़ हैं। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर अजय सिंह निवासी गांव भाल थाना राजपुर कानपुर देहात,
राजाभैया, शनि उर्फ अभिषेक, देवराज निवासी बैंक कालोनी राजेंद्र नगर उरई को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मनीष सिंह निवासी सतराहजू थाना सिरसाकलार भाग गया। पुलिस ने पकड़े गए चोरों निशानदेही पर अलग-अलग स्थानाें से 34 चोरी की बाइक बरामद की हैं। एसपी ने बताया कि पकड़े गए चोराें ने बताया कि वे तीन चरण में बाइक
चोरी करते थे। पहली टीम का काम बाइक मालिक पर नजर रखना, दूसरी का बाइक चोरी कर ठिकाने पर पहुंचाना व तीसरी का काम बिक्री करने का था। आरोपियाें ने बताया
कि वह पांच से आठ हजार रुपये में चोरी की बाइक बेचते थे। चोराें ने बताया कि वह एमपी से लेकर कई और स्थानाें पर बाइक चोरी करते थे। एसपी ने टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की बात कही है। इस दौरान सीओ उरई जंगबहादुर सिंह मौजूद रहे।
शौक पूरे करने को बन गए शातिर चोर
पुलिस की पूछताछ में चोराें ने बताया कि वह महंगे शौक पूरे करने के लिए बाइक चोरी करते हैं। इससे महीने में करीब दस हजार रुपये आ जाता था। इससे वह महंगे कपडे़ पहनते थे और बीयर पार्टी करते थे। एसपी ने बताया कि यह शौक पूरा करने के लिए ही बाइक चोरी करते थे। उन्हाेंने बताया कि वह यूपी की बाइक एमपी व वहां की बाइक यूपी में बेचते थे।
मास्टर की से खुल जाते हैं लाक
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चोर गिरोह के पास मास्टर चाबी है इससे हर प्रकार की बाइक के लाक खुल जाते हैं। चोर अधिकाशत: बैंक, अस्पताल या फिर सार्वजनिक स्थान से बाइक चोरी की वारदाताें को अंजाम देते हैं।
एसटीटी प्रभारी पर रिश्वत का आरोप लगा युवती ने जहर खाया
पकडे़ गए वाहन चोर राजाभईया की बहन गुंजा निवासी राजेंद्र नगर कोतवाली पहुंची और एसटीटी टीम प्रभारी आरिफ खां पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने भाई को छोड़ने के एवज में रुपयाें की मांग की थी। जब उसके पास पैसे नहीं हुए तो आरिफ पर कार्रवाई करवाई। गुंजा ने मंगलवार की देर रात करीब दस बजे कोतवाली परिसर में रह रहे आरिफ खां के क्वार्टर के सामने जहर खा लिया। इससे वहां हड़कंप मच गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार है।
एसपी के विश्वास पर खरे उतरे अरुण
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली में तैनात तेज तर्रार दरोगा अरुण कुमार तिवारी को अभी दस दिन पहले ही स्वाट टीम प्रभारी के पद पर तैनात किया था। और उनसे अपेक्षा की थी कि वह वारदाताें के खुलासे करेगें। उन्हाेंने अपने पहले ही प्रयास 34 बाइकाें की बरामदगी कर एसपी के भरोसे पर खरे उतरे है। अब तक इतनी बड़ी बरामदगी जिले में पहली बार हुई है।