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मवेशियों ने चट की 108 बीघा फसल फूटा आक्रोश, हंगामा

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पुलिस से बहस करते किसान - फोटो : ORAI
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आटा (जालौन)। अन्ना मवेशियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के चमारी गांव में शुक्रवार रात खेतों में घुसे मवेशियों ने किसानों की 108 बीघा फसल चरी और पैरों से रौंदकर खराब कर दी। सुबह जब किसान खेत पर पहुंचे तो बर्बाद फसलें देख माथा पकड़कर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने क्षेत्र के अन्ना मवेशियों को एकत्र कर उन्हें प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया और फिर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर बाद तहसीलदार और थाना पुलिस मौके पर पहुंची व किसानों को जल्द से जल्द अस्थाई गोशाला खोलने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद ही मवेशियों को बाहर निकाला गया।
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शनिवार की सुबह चमारी क्षेत्र के किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो उजड़ी हुई फसल देखकर दंग रह गए। किसान रामबाबू द्विवेदी 17 की बीघा की मटर व गेहूं, सुरेन दीक्षित 13 बीघा मटर, महेश पालीवाल 4 बीघा मसूर, रजनी तिवारी 5 बीघा मटर, प्रवेंद्र कुमार की 5 बीघा चना, सुुघर सिंह राजपूत की पांच बीघा मटर, वीर सिंह कुशवाहा की 5 बीघा मटर व चना, मंगल सिंह राजपूत की 15 बीघा मटर, धर्मेंद्र अहिरवार की 8 बीघा मटर, गोपी अहिरवार की 2 बीघा अलसी, शिवराम की पांच बीघा मटर, देवी सहाय की 3 बीघा मटर, चंद्रकिशोर की 8 बीघा चना, सुरेंद्र अहिरवार की 4 बीघा चना, श्रीधर उपाध्याय की 7 भीगा चना और सरसों की फसल को अन्ना मवेशियों ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।
इससे गुस्साए किसानों ने आसपास के खेतों में घूम रहे करीब ढाई तीन सौ अन्ना मवेशियों को एकत्र किया और उन्हें ले जाकर सुबह करीब 9 बजे के आसपास प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। उस वक्त कुछ बच्चे विद्यालय में पढ़ाई भी कर रहे थे। इसके बाद बाहर से गेट बंद कर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान जो बच्चे स्कूल आए भी तो उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। दोपहर करीब 12 बजे के आसपास तहसीलदार कालपी शशि द्विवेदी, आटा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाना शुरू किया।
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किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से गोशाला खोलने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। जिस कारण ही मवेशी उनकी फसलों पर हमला बोल रहे हैं। क्षेत्र में करीब 1500 से 2000 मवेशियों का आतंक है। इस पर तहसीलदार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उच्चाधिकारियों से बातकर क्षेत्र में जल्द से जल्द अस्थायी गोशाला का इंतजाम किया जाएगा, ताकि किसानों को समस्या से कुछ हद तक निजात मिल सके। तब कहीं जाकर किसानों ने गेट खोलकर विद्यालय से मवेशियों को बाहर किया। इसके कुछ देर बाद स्कूल की भी छुट्टी कर दी गई। मवेशियों के कारण स्कूल परिसर भी काफी गंदा हो गया था।

स्कूल के बाहर खड़े बच्चे- फोटो : ORAI

टा में प्राथमिक स्कूल में बंद किए गए अन्ना मवेशी- फोटो : ORAI

आटा में नारेबाजी करते किसान- फोटो : ORAI

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